US: अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा पर टैरिफ लगाने के फैसले को रोकने वाला प्रस्ताव पारित किया। यह फैसला उनकी व्यापार नीति के खिलाफ बड़ी चुनौती मानी जा रही है। हालांकि, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इसके पारित होने की संभावना कम है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बुधवार को बड़ा झटका लगा। दरअसल, सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिससे राष्ट्रपति उनकी कनाडा पर टैरिफ लगाने की क्षमता सीमित हो जाएगी। यह फैसला ट्रंप के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नियंत्रण की नई योजना घोषित करने के कुछ घंटो बाद आया।
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सीनेट ने 51-48 वोटों से एक प्रस्ताव पारित किया, जो कनाडा पर टैरिफ को आधार बनाने वाले फेंटेनाइल पर ट्रंप की आपातकालीन घोषणा को खत्म कर देगा। ट्रंप ने बुधवार को तथाकथिक मुक्ति दिवस पर अपने कई अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साझेदारे पर टैरिफ लगाने की घोषणा की। हालांकि, कनाडा को फिलहाल इन नए टैरिफ से छूट दी गई है।
प्रस्ताव में कहा गया था कि ट्रंप का टैरिफ लगाने का फैसला अमेरिकी व्यापार और उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक होगा। यह प्रस्ताव डेमोक्रेट सीनेटर टिम केन ने रखा था, जिसमें चार रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की, सुसान कॉलिंस, मिच मैककोनेल और रैंड पॉल ने भी समर्थन दिया था। सीनेट में विपक्ष के नेता चक शूमर ने कहा, 'ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सपनों पर चोट पहुंचाई है।' डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने आरोप लगाया कि ट्रंप इन टैरिफ से अमीरों को कर छूट देने के लिए पैसा जुटा रहे हैं, जिससे आवास निर्माण और उद्योगों पर बुरा असर पड़ेगा।
वहीं, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि ये चार रिपब्लिकन सीनेटर डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के साथ मिलकर अमेरिका के हितों के खिलाफ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा को फेंटानाइल की तस्करी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में जब्त किया गया अधिकांश फेंटानाइल दक्षिणी सीमा से आता है, न कि कनाडा से।
हालांकि यह प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (संसद के निचले सदन) में पारित होना मुश्किल है, क्योंकि वहां रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य बहुमत में हैं। ट्रंप की व्यापार नीति को उनकी खुद की पार्टी के भीतर से भी चुनौती मिल रही है।