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अमेरिकी चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप ने बाजी मारी, बैरेट ने ली शपथ

Wed, 28 Oct 2020 01:28 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस
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Donald Trump and Amy Coney Barrett - फोटो : ANI
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अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव से करीब एक सप्ताह पहले सोमवार को अमेरिकी सीनेट में सुप्रीम कोर्ट के नए जज के लिए वोटिंग की गई। इस वोटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नामित एमी कोनी बैरेट ने जीत दर्ज की और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की नई जज बन गईं। अमेरिकी सीनेट ने वोटिंग के बाद उनकी जीत की पुष्टि की है।

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सीनेट के मुताबिक, एमी कोनी के पक्ष में 52 और विरोध में 48 वोट पड़े, जिसमें किसी भी डेमोक्रेट ने बैरेट के पक्ष में मतदान नहीं किया था। व्हाइट हाउस ने ट्वीट किया कि 'एमी कोनी बैरेट सर्वोच्च न्यायालय के 115 वें एसोसिएट जस्टिस होंगी'! । सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, बैरेट शिकागो स्थित 7वें यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स की एक न्यायाधीश हैं।

अमेरिका के बंटे हुए उच्च सदन (सीनेट) ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नामित एमी कोनी बैरेट के नाम पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति पर मुहर लगा दी है। इस नियुक्ति से शीर्ष अदालत का पूरा ढांचा बदल जाएगा, क्योंकि सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने संभवत: एक लंबे समय के लिए कंजर्वेटिव बहुमत सुनिश्चित करा लिया है। 48 के मुकाबले 52 मतों से पुष्टि होने के बाद बैरेट ने शपथ ली।
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अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत-हार का गणित अभी एक सप्ताह दूर है लेकिन इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में दिवंगत जज रुथ बदर गिंसबर्ग की मौत से खाली हुई सीट पर बैरेट की पुष्टि होना ट्रंप के लिए एक जीत की ही तरह है। वह ट्रंप द्वारा मनोनीत तीसरी जज बन गई हैं। माना जा रहा है कि अब अमेरिका में गर्भपात, सस्ती स्वास्थ्य सेवा और खुद ट्रंप के निर्वाचन जैसे मामलों पर फैसलों को लेकर एक नए युग की शुरुआत हो गई है। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में उनके शपथ समारोह में ट्रंप ने कहा, यह अमेरिका के लिए अहम दिन है। करीब 200 लोगों की मौजूदगी में जस्टिस क्लैरेंस थॉमस ने बैरेट को संविधान की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद बैरेट ने कहा, वो मानती हैं कि एक जज का काम नीतियों को लेकर अपनी पसंद से प्रभावित होना नहीं है और वे अपना काम बिना किसी डर या पक्षपात के करेंगी।

डेमोक्रेटों ने नहीं दिया समर्थन
अमेरिकी इतिहास में पहली बार अल्पसंख्यक डेमोक्रेट पार्टी ने राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत जज को थोड़ा सा भी समर्थन नहीं दिया है। दरअसल, एमी एक अच्छी लेखक, मानवाधिकार कार्यकर्ता और रूढ़िवादी विचारों की समर्थक हैं। चूंकि अमेरिका में जजों की सेवानिवृत्ति नहीं होती है इसलिए शीर्ष अदालत में रिपब्लिकन द्वारा नियुक्त जज बहुमत में हो गए हैं। ऐसे में ट्रंप यदि सत्ता में नहीं भी रहे तो शीर्ष कोर्ट में विवादित मामला जाने पर उन्हें लाभ ही मिलेगा। 

कौन हैं एमी
एमी को अच्छा लेखक भी माना जाता है। मानवाधिकारों पर भी उन्होंने दलीलें दी है। बैरेट को रूढ़िवादी विचारों का माना जाता है। लोगों का मानना है कि एमी के सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर नियुक्त होने से अमेरिका में गर्भपात कानून में बदलाव की मांग वाले आंदोलन पर फर्क पड़ सकता है। वहीं बैरेट की आजीवन नियुक्ति से आने वाले दशकों के लिए नौ सदस्यीय अदालत में वैचारिक तौर पर रूढ़िवादी बहुमत को मजबूती मिलेगी।

बता दें कि अमेरिका में जजों की नियुक्ति लाइफटाइम के लिए होती है और अन्य कोर्ट से अलग यहां के जजों का कोई रिटायरमेंट उम्र भी नहीं होता। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में नौ जज होते हैं। किसी अहम फैसले के वक्त यदि इनकी राय 4-4 में विभाजित हो जाती है तो सरकार द्वारा नियुक्त जज का वोट निर्णायक हो जाता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बैरेट को नामित करते वक्त पिछले महीने कहा था कि "अगर पुष्टि की जाती है, तो जस्टिस बैरेट अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सेवा देने वाली ऐसी पहली मां के रूप में इतिहास बनाएंगी, जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं।'

ट्रंप की नाइट पार्टी की तैयारी
राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव वाले दिन रात में वाशिंगटन स्थित अपने होटल में पार्टी की तैयारी कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि उनका यह फैसला शहर के डेमोक्रेटिक मेयर के साथ गतिरोध का कारण बन सकता है, जिन्होंने महामारी पर सख्त दिशा-निर्देश लागू कर रखे हैं। इस योजना से अवगत मेयर म्यूरियल बाउजर ने चेताया है कि पार्टी कराने पर होटल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

कमला हैरिस : ट्रंप ने उड़ाया मजाक, बिडेन ने कहा- डेविल की तरह स्मार्ट
डेमोक्रेटिक पार्टी से उपराष्ट्रपति पद की प्रत्याशी कमला हैरिस का ट्रंप ने मजाक उड़ाया है तो बिडेन ने उनकी तारीफ की है। एक इंटरव्यू में हैरिस के जोर से हंसने पर ट्रंप ने पेनसिल्वेनिया रैली में कहा, हैरिस के साथ कुछ तो गड़बड़ है। जबकि बिडेन ने सीबीएस को एक इंटरव्यू में कहा, हैरिस डेविल जैसी स्मार्ट हैं। उनके पास सलाख जैसी रीढ़ की हड्डी है और वे मूल्यों पर भरोसा करती हैं। उनके पास बड़े राज्य को चलाने का अनुभव भी है।

युवा मतदाता बढ़ेंगे, बिडेन के पक्ष में वृद्धि : सर्वे
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक अमेरिकी चुनावों में युवा अमेरिकी बुजुर्ग उम्र के राष्ट्रपति प्रत्याशियों के चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान कर सकते हैं। इन बुजुर्ग उम्मीदवारों में बिडेन की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। 18 से 29 वर्ष के आयुवर्ग में हुए इस सर्वेक्षण में पाया गया कि चुनाव में ऐतिहासिक मतदान होगा। युवा मतदाताओं में से 63 फीसदी वोटर बिडेन को राष्ट्रपति बनते देखना चाहते हैं। इनमें सात फीसदी ट्रंप के पक्ष में और 30 फीसदी ने ‘निश्चित नहीं’ के पक्ष में राय दी।
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