ट्रंप प्रशासन में एक और अहम पद पर नियुक्ति को सीनेट की मंजूरी मिल गई है। मैट व्हिटकर को नाटो में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। मैट व्हिटकर राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी हैं और पूर्व की ट्रंप सरकार में न्याय विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अमेरिकी सीनेट ने मैट व्हिटकर को नाटो में अमेरिका का राजदूत बनाने की मंजूरी दे दी है। मंगलवार की शाम को सीनेट ने 52-45 वोटों से व्हिटकर की नियुक्ति की पुष्टि की। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में व्हिटकर न्याय विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस बार ट्रंप ने उन्हें विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। सीनेट की सुनवाई के दौरान व्हिटकर ने सीनेटर्स को विश्वास दिलाया कि ट्रंप प्रशासन का नाटो के प्रति समर्पण अडिग है।
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ट्रंप ने व्हिटकर को बताया वफादार देशभक्त
व्हिटकर ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस के चीफ ऑफ स्टाफ थे, और फिर उन्हें कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल बना दिया गया था क्योंकि उनके बॉस सेशंस को 2016 के चुनाव में रूसी प्रभाव की विभाग की जांच से खुद को अलग करने के बाद पद से हटा दिया गया था। इस बार भी ट्रंप ने न्याय विभाग में ही व्हिटकर की नियुक्ति पर विचार किया था, लेकिन बाद में उन्हें नाटो में राजदूत नियुक्त करने का फैसला किया। ट्रंप ने एक बयान में कहा कि व्हिटकर को 'एक मजबूत योद्धा और वफादार देशभक्त' बताया, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाया जाए और उनकी रक्षा की जाए।
नाटो को लेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) को लेकर थोड़े संदेहपूर्ण रहे हैं। नाटो को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका और अन्य देशों द्वारा तत्कालीन सोवियत संघ का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था। वहीं ट्रंप द्वारा जिस तरह से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का समर्थन किया जाता है और वे नाटो में सहयोगी यूरोपीय देशों की प्रतिबद्धता पर जिस तरह से सवाल उठाते रहे हैं, उससे भी नाटो कमजोर हुआ है। ट्रंप यूरोपीय देशों से अपना रक्षा बजट बढ़ाने को कह चुके हैं ताकि नाटो पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर न रहे।