चीन में उइगर मुस्लिमों को बीजिंग से सुरक्षा का बड़ा खतरा है क्योंकि उन्हें आईफोन में सुरक्षा खामियों के चलते कई हमलों का निशाना बनाया गया। आईफोन की विवादित प्रतिद्वंद्वी कंपनी गूगल ने यूजरों को स्मार्टफोन को रियल टाइम में चिन्हित करते हुए यह विवरण निकाला। इसी के आधार पर चीन में उइगर मुस्लिमों पर एप्पल इंक ने खतरे की पुष्टि की है।
शोधकर्ताओं ने समुदायों की अलग से पहचान उजागर नहीं की है लेकिन सीएनएन, टेकक्रंच और अन्य समाचार एजेंसियों ने भी स्पष्ट किया है कि इन हमलों का मकसद उइगर मुस्लिमों की निगरानी करना था। हाल ही में रॉयटर्स एजेंसी ने भी बताया था कि चीन ने उइगर यात्रियों की जासूसी के लिए एशियाई दूरसंचार कंपनियों को हैक किया था।
एप्पल ने कहा कि ये हमले संकीर्ण रूप से फोकस थे और एक दर्जन से ज्यादा वेबसाइटों को प्रभावित कर रहे थे। इन हमलों में वेबसाइटों पर उइगर समुदाय से संबंधित सामग्री पर फोकस किया गया। एप्पल ने कहा कि इस खामी को पकड़े जाने के 10 दिनों के भीतर फरवरी में इसे ठीक कर दिया गया लेकिन कंपनी ने जोर दिया कि गूगल ने इन हमलों का समय सिर्फ दो माह बताया था लेकिन वास्तव में यह दो साल से चल रहा था।
संयुक्त राष्ट्र में चीन को घेरेगा अमेरिका
उइगर मुस्लिमों के मामले पर अमेरिका ने चीन को घेरने का फैसला किया है। इस महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका इस मुद्दे को उठाएगा और उइगरों के लिए समर्थन हासिल करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चीन का उइगरों के साथ व्यवहार दुनिया पर एक बदनुमा दाग है।