एशिया के कई ऐसे देशों में संक्रमण फिर से बढ़ गया है, जहां महामारी पहले नियंत्रण में दिखाई दे रही थी। भारत समेत ताइवान, हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड, मलयेशिया आदि देशों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, होटल व रेस्तरां पर रोक है, टैक्सी चालकों को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं और शादियां अचानक रद्द कर दी गई हैं। दुनिया में संक्रमितों की संख्या 16.49 करोड़ हो गई है और मृतक संख्या 34.2 लाख हो गई है।
एशिया के कम आबादी वाले मंगोलिया में मृतक संख्या 233 तक बढ़ गई है, जबकि ताइवान में पिछले सप्ताह से संक्रमण के 1,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। यहां 6,00,000 से अधिक लोगों को क्वारंटीन किया गया है। ताइवान ने इससे पहले वायरस पर काबू पा लिया था। हांगकांग और सिंगापुर ने दूसरी बार क्वारंटीन-मुक्त यात्रा स्थगित कर दी है। चीन में स्थानीय संक्रमण के मामले खत्म हो चुके हैं, लेकिन विदेश से आने वाले लोगों के संपर्क में आने से नए मामले सामने आ रहे हैं।
भारत और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी संक्रमण बड़े पैमाने पर फैल रहा है। भारत, ताइवान, हांगकांग, सिंगापुर जैसे देशों में जनता से सार्वजनिक स्थलों से दूर रहने को कहा गया है। मलयेशिया में मामलों में तेज वृद्धि के बीच अप्रत्याशित रूप से सात जून तक एक महीने का लॉकडाउन लगाया गया है, जबकि थाईलैंड में भी प्रकोप जारी है।
अमेरिकी सांसद ने की पीएम मोदी के प्रयासों की सराहना
अमेरिकी सांसद जो विल्सन ने कोविड-19 संकट से निपटने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की और भरोसा जताया कि भारतीय इस चुनौती से पार पा लेंगे। सांसद ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच एक विशेष साझेदारी के तहत हमारी भारतीयों के साथ सहानुभूति है और संकट के इस दौर में मैं नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करता हूं।
विल्सन ने इंडियन-अमेरिकन इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स का आभार जताते हुए डॉ. नरसिम्हुलु नीलगरु, राजदूत तरनजीत सिंह संधू और महावाणिज्य दूत डॉ. स्वाति कुलकर्णी तथा अमित कुमार की सराहना भी की जिन्होंने भारत की मदद के लिए एक विशेष कार्यबल की स्थापना की है। उन्होंने बताया कि इनके सफल प्रयासों से भारतीय परिवारों के लिए चिकित्सा उपकरणों और अन्य आपूर्ति के लिए 20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक राशि एकत्रित की गई है।
अमेरिकी नेता बाइडन से करेंगे भारत को और मदद का आग्रह
प्रख्यात अमेरिकी नागरिक अधिकार नेता रेव जेसी एल जैक्सन ने कहा है कि वे राष्ट्रपति जो बाइडन से भारत को कोविड-19 के एस्ट्राजेनेका टीकों की छह करोड़ खुराक जारी करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा, महामारी किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए खतरा है। खतरे का सामना करने के लिए हमारी प्रतिक्रिया व्यापक होनी चाहिए। इसी तरह भारत-अमेरिकी मित्रता परिषद के अध्यक्ष डॉ. भरत बरई ने बाइडन से भारत को रेमडेसिविर और टोसीलिजुमैब की जल्द आपूर्ति करने का आग्रह किया।