सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स की गाड़ी
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सीरियन डेमोक्रैटिक फोर्सेज़ के एक लड़ाके ने कहा कि वे इस्लामिक स्टेट के कैंप में पहुंच गए हैं। ज़मान अम्द नाम के इस पश्चिम समर्थित लड़ाके ने कहा, "एक समय यहां पर आईएसआईएस का नियंत्रण था। हम कह सकते हैं कि अभी हम कैंप के शुरुआती हिस्से में हैं और ये काफी बड़ा इलाक़ा है।"
"आईएसआईएस अब एक छोटे से इलाक़े में घिर गया है। इसके लड़ाके बाग़ूज़ की पहाड़ी के नीचे मौजूद हैं। बाग़ूज़ गांव के अंदरूनी इलाके पर पहले आईएसआईएस का नियंत्रण था मगर उन्हें दिन-ब-दिन पीछे हटाया जा रहा है। सीरियन डेमोक्रैटिक फोर्सेज़ (एसडीएफ़) के प्रवक्ता मुस्तफ़ा बाली ने भी अपने लड़ाकों के कामयाब रहने की बात कही है।
मुस्तफ़ा ने कहा, "इस्लामिक स्टेट और उसके लड़ाकों को काफ़ी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेनाओं ने इस्लामिक स्टेट के गोला-बारूद पर बमबारी की और टैकों से भी हमला किया।"
सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स का लड़ाका
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एसडीएफ़ के प्रवक्ता ने कहा, "बड़ी संख्या में आतंकवादियों की मौत हुई है और वे ज़ख्मी भी हुए हैं। हम संख्या के बारे में सही से बता नहीं सकते। संघर्ष जारी है। ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक बाग़ूज़ को आतंकवादियों से मुक्त नहीं करा लिया जाता। कुछ भी साफ़ नहीं है मगर हमें लगता है कि 1000-1500 आतंकवादी गांव में हो सकते हैं।"
हाल के दिनों में हज़ारों महिलाएं और बच्चे इस इलाक़े से सुरक्षित बाहर निकले हैं। माना जा रहा है कि घेरे गए इलाक़े में अभी भी बड़ी संख्या में इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाके हो सकते हैं जो घेराबंदी करके बैठे पश्चिम समर्थित लड़ाकों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस आख़िरी मोर्चे पर भीषण संघर्ष देखने को मिल सकता है।