अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार को अभी भी आईआरएस ऑडिट से छूट (इम्युनिटी) प्राप्त है या नहीं। यह मामला उस विवादित समझौते से जुड़ा है, जिसे पहले एक बड़े सेटलमेंट के तहत तैयार किया गया था, लेकिन बाद में $1.776 बिलियन के मुआवजा फंड की योजना को प्रशासन ने वापस ले लिया। माना जा रहा था कि इस फंड से ट्रंप के कुछ सहयोगियों को लाभ मिल सकता था।
सीनेट में तीखे सवाल, लेकिन कोई सीधा जवाब नहीं
सीनेट फाइनेंस कमेटी की सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट सांसदों ने कैथरीन कॉर्टेज मैस्टो और रॉन वायडेन के नेतृत्व में बेसेंट से कई बार सवाल किया, लेकिन उन्होंने कहा कि मामला अदालत में लंबित है, इसलिए वह टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने सुनवाई में कहा "चूंकि यह मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता।" इस जवाब से सांसद नाराज दिखे और उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त विभाग पारदर्शिता से बच रहा है।
'अमेरिकी गणराज्य के लिए यह बेहद गंभीर'
सुनवाई के दौरान सीनेटर कैथरीन कॉर्टेज मैस्टो ने कहा कि यह पूरी तरह से जवाब टालने की कोशिश है और इसे अमेरिकी लोकतंत्र के लिए अपमानजनक बताया। वहीं, रॉन वायडेन ने आरोप लगाया कि वित्त विभाग को इस संदिग्ध समझौते पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, क्योंकि विभाग शुरू से इसमें शामिल रहा है।
IRS ऑडिट से छूट का मामला क्यों अहम है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि ट्रंप और उनके व्यवसायों को IRS ऑडिट से छूट मिलती है, तो यह मामला अरबों डॉलर के टैक्स जांच परिणामों को प्रभावित कर सकता है। पहले यह भी सामने आया था कि ट्रंप की टैक्स स्ट्रैटेजी से जुड़े मामलों में करीब 100 मिलियन डॉलर तक की संभावित टैक्स देनदारी बन सकती थी।
इस मामले में फ्लोरिडा की संघीय जज कैथलीन विलियम्स ने भी पहले टिप्पणी की थी कि सरकार ने जरूरी दस्तावेज अदालत में ठीक से पेश नहीं किए। बाद में उन्होंने केस को दोबारा खोलने का आदेश दिया। इसी बीच, कानूनी विशेषज्ञ मैट प्लैटकिन ने इस पूरे समझौते को अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बताया है।
व्हाइट हाउस और प्रशासन की चुप्पी
व्हाइट हाउस की ओर से भी इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। वहीं, पूर्व अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने संकेत दिया था कि IRS से जुड़ा हिस्सा अभी भी लागू हो सकता है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी अमेरिकी नागरिक को इस तरह की विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए। टैक्सपेयर्स राइट्स सेंटर की संस्थापक नीना ओल्सन ने इस स्थिति की तुलना वॉटरगेट युग से करते हुए कहा कि यह IRS की स्वतंत्रता के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।