चीन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को अगले महीने होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के लिए कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी। इस दौरान बीजिंग में स्थित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मुख्यालय में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस चीन में काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां योग बहुत लोकप्रिय है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से साल 2014 में इसकी शुरुआत किए जाने के बाद से यहां इससे संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। यह हर साल 21 जून को मनाया जाता है।
एससीओ मुख्यालय में वीयोग एकेडमी बीजिंग के योग गुरु आशीष बहुगुणा की ओर से ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए योग सत्र में एससीओ महासचिव झांग मिंग और भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत और एससीओ राजनयिक शामिल हुए।
पूर्व चीनी राजनयिक झांग ने कहा कि योग केवल एक प्राचीन भारतीय अभ्यास नहीं है बल्कि यह खुद को और संसार को खोजने का एक तरीका है। यह हमें शांति और संतुलन के सिद्धांत सिखाता है।
उन्होंने कहा कि भारत इस महान विरासत का उत्तराधिकारी है और उसने इसे अपने तक ही सीमित रखने के बजाय इसे पूरी दुनिया के साथ साझा किया है। योग का दर्शन शंघाई स्पिरिट के सिद्धांतों के अनुरूप है जो शांति और सद्भाव में रहने का आह्वान करता है।
एससीओ के आठ सदस्य हैं जिनमें चीन, भारत, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं। भारत सितंबर में एससीओ का अध्यक्ष बन जाएगा। रावत ने कहा कि एससीओ के अध्यक्ष के रूप में हम रचनात्मक भूमिका निभाएंगे।