साल 2019 के अंत में चीन से पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस ने 2020 में वैश्विक महामारी का रूप ले लिया और अब उस वायरस के नए प्रकार (स्ट्रेन) सामने आ रहे हैं। जिससे दुनिया के सामने चिंता की नई दीवारें खड़ी हो गई हैं।
ब्रिटिश वैज्ञानिक बोले- घबराने की जरूरत नहीं
वहीं ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने कहा कि इस नए स्ट्रेन के उभरने से घबराने की कोई बात नहीं है। रीडिंग विश्वविद्यालय के एक संक्रामक रोग शोधकर्ता डॉ. साइमन क्लार्क ने बताया कि 'अभी तक चिंता करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।' यह दक्षिण अफ्रीकी B.1.351 संस्करण के तेजी से परीक्षण के दौरान सामने आया है- जो शरीर की एंटीबॉडी के साथ-साथ प्रतिरक्षा तंत्र को थोड़ा कम प्रभावी बनाता है।
ब्रिटेन के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने खुलासा किया है कि उत्परिवर्ती स्ट्रेन (म्यूटेंट स्ट्रेन) के 18 नए मामले सामने आए हैं, इसके साथ ही ब्रिटेन में ऐसे मामलों की कुल संख्या 235 हो गई है।
कोरोना वायरस का केंट स्ट्रेन 70 फीसदी ज्यादा खतरनाक- ब्रिटिश शोध
ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने कहा कि दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के अन्य स्ट्रेन की अपेक्षा केंट वेरिएंट 30 से 70 फीसदी ज्यादा घातक है। इस शोध में केंट वेरिएंट की अपेक्षा अन्य कोरोना स्ट्रेन से पीड़ित मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने और उनके मौत की दर की तुलना की गई है। ब्रिटिश विशेषज्ञ डेविड स्ट्रेन ने कहा कि इस शोध के परिणाम चिंता में डालने वाले हैं। कोरोना के इस नए स्ट्रेन को केंट इलाके में पाया गया था, इसलिए इसका नाम केंट वेरिएंट रखा गया है।
कितना खतरनाक है दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन
वैज्ञानिकों को अभी ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि यह वायरस पहले के मुकाबले और अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है या मृत्यु का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, कहा जा रहा है कि यह यूके स्ट्रेन से भी अधिक संक्रामक है।
प्रतिरक्षा तंत्र को भी 'धोखा' दे सकता है
दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोरोना वायरस के स्ट्रेन को लेकर बीते दिनों वैज्ञानिकों ने एक चेतावनी जारी की थी। वैज्ञानिकों ने कहा था कि एक नए शोध में पता चला है कि यह स्ट्रेन शरीर की एंटीबॉडी के साथ-साथ प्रतिरक्षा तंत्र को भी 'धोखा' दे सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार शोध में सामने आया है कि इस वायरस के बाहरी स्पाइक प्रोटीन के एक विशिष्ट भाग पर कुछ खास उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हुए हैं। यही म्यूटेशन इसे एंटीबॉडी से बचने में सक्षम बनाते हैं।