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कोरोना को देगी मात: अमेरिकी वैज्ञानिक बना रहे पौधे से तैयार प्रोटीन की च्युइंगम, घटाएगी संक्रमण का खतरा

Mon, 06 Dec 2021 05:40 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, वाशिंगटन

सार

वैज्ञानिकों के अनुसार जब इस च्युइंगम को खाया जाएगा तो कोरोना संक्रमित व्यक्ति की लार saliva में वायरल लोड कम हो जाएगा और उसकी दूसरों में संक्रमण फैलाने की क्षमता भी कम हो जाएगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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महामारी यदि जीवन पर भारी है तो उसे मात देने की तैयारी भी जारी है। अमेरिकी वैज्ञानिक अब एक ऐसी च्युइंगम बनाने जा रहे हैं, जो किसी संक्रमित व्यक्ति में वायरस का लोड कम करने में मददगार होगी। यह च्युइंगम पौधे से तैयार प्रोटीन से बनी होगी, जो कोरोना फैलाने वाले वायरस 'SARS-CoV-2' वायरस को घेर देगी। 

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वैज्ञानिकों के अनुसार जब इस च्युइंगम को खाया जाएगा तो कोरोना संक्रमित व्यक्ति की लार (saliva) में वायरल लोड कम हो जाएगा और उसकी दूसरों में संक्रमण फैलाने की क्षमता भी कम हो जाएगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग पूरी तरह वैक्सीनेटेड हैं, फिर भी वे सॉर्स कोव-2 से संक्रमित हो सकते हैं। उनमें वायरल लोड उतना ही हो सकता है, जितना कि बगैर टीकाकरण वाले लोगों में रहता है। 

लार में बनने वाले वायरस छींकने, खांसने पर बाहर निकलते हैं
अमेरिका की पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक हेनरी डैनियल ने कहा कि सॉर्स कोव-2 वायरस मनुष्य की लार ग्रंथियों में अपनी प्रतिकृति बनाता है और हम जानते हैं कि जब कोई छींकता है, खांसता है या बोलता है तो कुछ वायरस बाहर निकलकर दूसरों तक पहुंचते हैं। 
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जर्नल 'मॉलेक्यूलर थेरेपी' में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि यह च्युइंगम लार में बनने वाले वायरस का असर खत्म करने में मददगार बनेगा। इससे रोगी द्वारा संक्रमण फैलाने की संभावना कम हो सकेगी। 

कोरोना महामारी से पहले वैज्ञानिक डैनियल एंजिओटेनसिन कंवर्टिंग एन्जाइम 2 (ACE2) प्रोटीन का अध्ययन कर रहे थे। यह अध्ययन हाइपरटेंशन के इलाज के संदर्भ में किया जा रहा है।  डैनियल की लैब व कुछ अन्य लैब में यह प्रोटीन तैयार किया गया है। इसका चिकित्सा में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही पैटेंट संयंत्र-आधारित उत्पादन तंत्र भी तैयार किया जा सकता है। 

शोधकर्ताओं ने कहा कि इस प्रणाली में प्रोटीन ड्रग सिंथेसिस, जो कि एक महंगी उत्पादन व शुद्धिकरण प्रक्रिया है, से बचने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि ACE2 का रिसेप्टर सॉर्स-कोव-2 स्पाइक प्रोटीन को सीमित कर देता है। स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही वायरस  मानव कोशिकाओं को संक्रमित करता है। पिछले शोध से पता चला है कि ACE2 के इंजेक्शन गंभीर संक्रमण वाले लोगों में वायरल लोड को कम कर सकते हैं। 

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