लिंग आधारित समानता पर दुनियाभर में जारी बहस के बीच वैज्ञानिकों ने दक्षिणी अमेरिका के एंडीज पर्वतमाला में नौ हजार साल पुराने एक ऐसे स्थान का पता लगाया है, जहां महिला शिकारियों को दफनाया जाता था।
इस खोज से लंबे समय से चली आ रही उस अवधारणा को चुनौती मिलती है, जिसमें कहा जाता है कि आदिम मानव को जब खाना चाहिए होता था, तब पुरुष शिकार करते थे और महिलाएं भोजन एकत्र करती थीं।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से जुड़े और शोध के प्रमुख रैंडी हास ने कहा, पुरातन काल में दफनाने की प्रक्रिया की एक पुरातात्विक खोज और विश्लेषण से सिर्फ पुरुषों के ही शिकारी होने की अवधारणा खारिज होती है। शिकार करने वाले हालिया समुदायों में लिंग आधारित श्रम पर बहुत जोर दिया जाता है, जिससे कुछ लोग यह मानने लगते हैं कि लिंग आधारित असमानता प्राकृतिक है। लेकिन अब यह साफ हो चुका है कि श्रम का लिंग आधारित विभाजन अपने मूल स्वरूप में अलग था।
पेरू में 2018 में ऊंचाई पर पुरातात्विक उत्खनन के दौरान शोधकर्ताओं ने दफनाने के एक पुराने स्थान की खोज की थी। जहां शिकार करने और जानवरों को काटने के नुकीले औजार मिले थे। उस जगह पर मिले कंकाल की हड्डियों और दांतों के विश्लेषण से पता चला कि वह संभवत: किसी महिला का कंकाल था।
429 कंकालों की पहचान
उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में मिले ऐसे 107 प्राचीन स्थलों के परीक्षण से शोधकर्ताओं ने 429 कंकालों की पहचान की। इनमें 27 शिकारी थे, जिसमें 11 महिलाएं और 15 पुरुष थे। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह साक्ष्य इस बात को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है कि प्राचीन समय में महिलाएं भी शिकार करती थीं।