अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ वहां के राज्य लगातार से अपनी आवाज बुलंद कर रहे है। इसी बीच ट्रंप की तरफ से लगाए गए व्यापक आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर देश के 12 राज्यों ने बुधवार को संघीय अदालत में चुनौती दी। इन राज्यों का कहना है कि ट्रंप ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर एकतरफा फैसले लिए, जिससे अमेरिकी व्यापार नीति उनकी मर्जी पर निर्भर हो गई और आर्थिक अस्थिरता फैल गई।
ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी राज्यों की दलील
ट्रंप प्रशासन की ओर से अजीबोगरीब तर्क
वहीं ट्रंप प्रशासन की ओर से सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमेट ने दलील दी कि ऐसे आपात फैसलों की वैधता पर फैसला कांग्रेस को करना चाहिए, न कि अदालत को। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व राष्ट्रपति निक्सन ने 1971 में इसी तरह 1917 के कानून के तहत टैरिफ लगाए थे। इस पर न्यायाधीश जेन रेस्टानी ने सवाल उठाया कि क्या इसका मतलब है कि अदालतें राष्ट्रपति की कितनी भी पागलपन भरी आपात घोषणाओं को नहीं रोक सकतीं?
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कौन-कौन से राज्यों ने दी चुनौती
गौरतलब है कि ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ कोर्ट जाने वाले 12 राज्यों में एरिज़ोना, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनॉय, मेन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू मैक्सिको, न्यूयॉर्क, ओरेगन और वर्मोंट शामिल है।