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पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: यमन के तेल ठिकानों पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का हवाई हमला, जानिए क्या है लड़ाई

Wed, 14 Oct 2026 01:56 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, रियाद

सार

पश्चिम एशिया में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूतियों के कब्जे वाले इलाकों पर हवाई हमले किए। 
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हूती - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाली राजधानी सना पर हवाई हमले किए। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले प्रसारक अल-मसीरा ने यह जानकारी दी। आशंका है कि इन हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सना के पश्चिम में स्थित अल-सुहाबा ईंधन केंद्र पर हमले हुए। इसके कुछ घंटे बाद शहर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
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सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दी थी चेतावनी
इससे पहले सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक बयान जारी कर हूतियों के नियंत्रण वाली राजधानी में नागरिकों से यमनी ऑयल कंपनी के उस परिसर को खाली करने को कहा था, जो एक पहाड़ी पर स्थित है और जहां से राजधानी का नजारा दिखता है। गठबंधन ने आसपास के भंडारण क्षेत्रों से भी लोगों को हटने की अपील की थी। उसने संभावित हवाई हमले से पहले यह चेतावनी दी थी।

हूती अधिकारियों को भी इस परिसर पर हमले की आशंका थी। यमनी ऑयल कंपनी ने कहा था कि उसके भंडारण केंद्र खाली हैं और सऊदी अरब के हमले से तेल के भंडार या स्थानीय लोगों को होने वाली आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। हालांकि, शहर के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कमी की आशंका के चलते कुछ पेट्रोल पंपों पर कारों की लंबी कतारें लग गईं।
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चेतावनी के कुछ ही समय बाद हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर कहा कि सना पर सऊदी अरब के किसी भी हमले का जवाब उसकी राजधानी रियाद में 'कड़ा और दर्दनाक' हमला करके दिया जाएगा। यह साफ नहीं है कि मंगलवार का हमला सैन्य कार्रवाई को और तेज करने का संकेत था या रियाद के हवाई अड्डे पर हाल में हुए घातक हमलों के जवाब में सीमित कार्रवाई थी। पश्चिम एशिया मामलों के जानकारों का मानना है कि इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।

अहम समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर हुई लड़ाई
सऊदी अरब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन के बड़े हमले को रोकने में उसकी हवाई रक्षा प्रणाली क्यों नाकाम रही। इनमें शनिवार को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए।

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच ताजा संघर्ष पिछले महीने शुरू हुआ था, जब विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जा कर लिया। लाल सागर के दक्षिणी छोर पर यमन के तट के पास स्थित यह समुद्री मार्ग खाड़ी क्षेत्र के तेल और अन्य सामानों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन इन इलाकों पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। बाब अल-मंदेब फारस की खाड़ी से तेल की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है।

यमन के प्रमुख शहरों पर कब्जे के लिए संघर्ष जारी
  • यमन के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिम में स्थित प्रमुख शहर ताइज पर पिछले 24 घंटों के दौरान हूती विद्रोहियों के हमलों में छह लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हुए। क्षेत्र में लड़ाई जारी है।
  • सऊदी समर्थित बलों के एक कमांडर ने कहा कि विद्रोहियों ने कड़े प्रतिरोध के बावजूद आगे बढ़ते हुए ताइज के बाहरी इलाकों तक पहुंच बना ली और उनमें से कुछ शहर में भी दाखिल हो गए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महत्वपूर्ण लक्ष्य रहे ताइज पर नियंत्रण की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। कमांडर ने कहा कि विद्रोही बलों की संख्या उनकी अपेक्षा से काफी अधिक है और उनके पास कम तथा मध्यम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें भी हैं।
  • हालांकि, उन्होंने कहा कि सबसे भीषण लड़ाई कहबूब पहाड़ियों पर नियंत्रण को लेकर हो रही है। इन पहाड़ियों से बाब अल-मंदेब और अदन पर नजर रखी जा सकती है। अदन अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त यमनी सरकार का मुख्यालय है। कमांडर ने बताया कि उनके बलों ने अतिरिक्त सैनिक भेजने की मांग की है।
  • इससे पहले मंगलवार को हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दोहराई। हूती नियंत्रण वाले मीडिया ने यह जानकारी दी। हूती हमलों के कारण कई विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
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