जजान में हाल की घटनाओं के दौरान घायल हुए भारतीय नागरिकों का जेद्दा के डॉ. सुलेमान फकीह अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारत के महावाणिज्यदूत फहद सूरी ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
सऊदी अरब के जजान में हाल की घटनाओं में घायल हुए भारतीय नागरिकों को भारत ने पूरी मदद का भरोसा दिया है। घायल भारतीयों का जेद्दा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। जेद्दा स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह अस्पताल के अधिकारियों, प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लगातार संपर्क में है।
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किसने की भारतीय नागरिकों से मुलाकात?
मिशन के मुताबिक, भारत के महावाणिज्यदूत फहद सूरी ने जेद्दा स्थित डॉ. सुलेमान फकीह अस्पताल में इलाज करा रहे भारतीय नागरिकों से मुलाकात की। ये भारतीय जजान में हाल की घटनाओं में घायल हुए थे।
Consul General Shri Fahad Suri visited Indian nationals undergoing treatment at Dr. Soliman Fakeeh Hospital, Jeddah, who were injured in the recent incidents in Jazan.
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CG enquired about their health and well-being, interacted with the patients, and assured them of the… pic.twitter.com/RbuviMpZg5— India in Jeddah (@CGIJeddah) September 14, 2026
महावाणिज्यदूत ने घायल भारतीयों के स्वास्थ्य और कुशलक्षेम की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें दूतावास की 'पूरी मदद और सहायता' का भरोसा दिलाया। हालांकि, दूतावास ने यह नहीं बताया कि कितने भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।
हूती विद्रोहियों ने किया था सऊदी अरब पर हमला
अरब न्यूज के मुताबिक, शनिवार को यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से दागा गया एक प्रक्षेप्य जजान के अल-तुवाल गवर्नरेट में गिरा, जिससे दो लोग घायल हो गए। हालांकि, भारतीय दूतावास ने यह पुष्टि नहीं की है कि जेद्दा के अस्पताल में इलाज करा रहे भारतीय नागरिक इसी घटना में घायल हुए हैं।
क्षेत्र में हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। अखबार के मुताबिक, पिछले सप्ताह हूती विद्रोहियों ने अबहा, खमिस मुशैत, जजान और नजरान में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए थे। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 73 लोग घायल हुए थे।