फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सऊदी अरब: हज यात्रियों के आब-ए-जमजम लाने पर सरकार ने लगाई पाबंदी, एयरपोर्ट पर होगी सख्त जांच  

Wed, 18 May 2022 08:41 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेद्दा

सार

पहले हर हज यात्री को 10 लीटर आब-ए-जमजम लाने की इजाजत थी। बाद में सऊदी सरकार ने इसे घटाकर 5 लीटर कर दिया था। 
विज्ञापन
haj pilgrims - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रियों को अपने साथ आब-ए-जमजम लाने पर रोक लगा दी है। इस संबंध में बुधवार को नोटिफिकेशन जारी किया गया। हालांकि नोटिफिकेशन में यह नहीं बताया गया है कि इस पवित्र जल को लाने पर रोक क्यों लगाई गई है। एयरलाइन कंपनियों से कहा गया है कि वो आब-ए-जमजम पर पाबंदी के फैसले का सख्ती से पालन कराएं। ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पहले हर हज यात्री को 10 लीटर आब-ए-जमजम लाने की इजाजत थी। बाद में सऊदी सरकार ने इसे घटाकर 5 लीटर कर दिया था और अब इसे लाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

विज्ञापन


एयरपोर्ट पर मौजूद स्टाफ सख्ती से जांच करेगा
सऊदी जनरल एविएशन अथॉरिटी ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि श्रद्धालु और यात्री एयरपोर्ट से जाते वक्त अपने साथ यह पवित्र जल नहीं ले जा सकेंगे। इस आदेश पर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट फॉर इकोनॉमिक पॉलिसीज एंड इंटरनेशनल कोऑपरेशन के हस्ताक्षर हैं। नियम का पालन सभी कमर्शियल और निजी एयरलाइन कंपनियों को करना होगा।  नोटिफिकेशन के मुताबिक, जेद्दा और सऊदी अरब के बाकी तमाम एयरपोर्ट पर मौजूद स्टाफ सख्ती से जांच करेगा कि किसी यात्री के सामान में यह पवित्र जल तो नहीं है। एयरलाइंस कंपनियों को इस बारे में जरूरी दिशानिर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। 

मक्का की पवित्र मस्जिद अल-हरम से करीब 66 फीट दूरी पर एक कुआं है। इसे जमजम कहा जाता है। अरबी में आब का मतलब पानी है। इस कुएं से निकले पानी को ही आब-ए-जमजम कहा जाता है। मुस्लिम इसे पवित्र जल मानते हैं। कहा जाता है कि यह कुआं करीब चार हजार साल पुराना है। उमरा और हज करने वाले यात्री इस जल को साथ ले जाते हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें