पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बयान से नाराज सऊदी अरब ने इस्लामाबाद से दशकों पुराने रिश्ते तोड़ने का एलान कर दिया। इससे हिली पाकिस्तान सरकार अब अपने सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को उसे मनाने भेजेगा।
22 मई को कश्मीर में ओआईसी के सदस्यों से समर्थन जुटाने में पाकिस्तान विफल रहा था। इसके बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि इसका कारण यह है कि हमारे पास कोई एकजुटता नहीं है बल्कि सिर्फ विभाजन है।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सोमवार को सऊदी अरब के राजदूत से मिले। हालांकि, यह मुलाकात भी बेअसर रही।
कश्मीर पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के एक विवादित बयान के बाद ही दोनों देशों के संबंधों में खटास आनी शुरू हो गई थी। कुरैशी ने कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ रुख नहीं अपनाने के लिए सऊदी के नेतृत्व वाले ओआईसी को सख्त चेतावनी दी थी कि यदि संगठन इस मामले में आगे नहीं आया तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से उन इस्लामिक देशों की बैठक बुलाने के लिए मजबूर हो जाऊंगा जो कश्मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं। कुरैशी ने कहा था कि जैसे पाकिस्तान ने सऊदी के अनुरोध के बाद स्वयं को कुआलालंपुर शिखर सम्मेलन से अलग किया, वैसे ही अब रियाद को इस मुद्दे पर नेतृत्व दिखाना चाहिए।