ईरान शुरू से ही सऊदी और अमेरिका के आरोपों से इनकार करता रहा है और इससे इत्तेफाक रखता है कि इसके पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ हो सकता है। वहीं, सऊदी ने तेल संयंत्रों पर हमलों के पीछे ईरान का हाथ बताने के लिए हथियारों की एक प्रदर्शनी भी रखी थी। इसमें दावा किया गया था कि इतने आधुनिक हथियार हूती विद्रोही चला ही नहीं सकते।
ईरान ने अमेरिका को भी एक राजनयिक नोट भेज कर सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों पर हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। साथ ही आगाह किया कि वह किसी भी कार्रवाई का पूरी मजबूती से जवाब देगा। स्विट्जरलैंड के दूतावास के जरिए अमेरिका को औपचारिक नोट में ईरान ने जोर देकर कहा है कि इन हमलों में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
मोहम्मद बिन सलमान ने साक्षात्कार में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या पर सवाल के जवाब में कहा कि यह हमारी गलती थी और सऊदी का नेता होने के नाते मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने हत्या के आदेश दिए थे।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब सरकार के लिए काम करने वाले लोगों ने इसे अंजाम दिया, जो कि जघन्य अपराध था।
दो अक्तूबर 2018 को हुई थी हत्या
द वाशिंगटन पोस्ट में लेखों के लिए आलोचकों के निशाने पर रहने वाले खशोगी तुर्की मूल की अपनी मंगेतर से शादी करने के लिए जरूरी दस्तावेज एकत्रित करने के लिए दो अक्टूबर 2018 को तुर्की में सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे। सऊदी सरकार के एजेंटों ने वाणिज्य दूतावास के भीतर खशोगी की हत्या कर दी थी।
खगोशी का शव क्षत-विक्षत कर दिया गया था, जो कभी बरामद नहीं किया जा सका। सऊदी अरब ने हत्या मामले में 11 लोगों पर आरोप लगाया और उन पर मुकदमा चलाया। हालांकि अभी तक किसी को भी सजा नहीं मिली है।