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सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा, भारत से 684 किलोमीटर दूर कृत्रिम द्वीप बना रहा चीन 

Tue, 12 May 2020 10:27 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
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भारत-चीन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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इस समय जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संकट से जूझ रही है। वहीं चीन भारत से 684 किलोमीटर की दूरी पर एक कृत्रिम द्वीप बना रहा है। चीन साउथ चाइना सी की तर्ज पर हिंद महासागर में नया द्वीप बनाकर भारत के सामने सीधे तौर पर सामरिक चुनौती पेश कर रहा है। इसका खुलासा हाल ही में सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए हुआ है। इन तस्वीरों को ओपन सोर्स इंटेलीजेंस एनॉलिस्ट डेटरेसफा ने जारी किया है।

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मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने 2016 में अपने कार्यकाल के दौरान चीनी कंपनियों को अपने देश के 16 द्वीप लीज पर दिए थे। इन द्वीपों पर चीन बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस द्वीपों में चीन द्वारा इतने बड़े पैमाने पर निवेश करने के पीछे भारत को घेरने को साजिश है। 

कई देशों को चीन ने कर्ज के जाल में फंसाया है
हथियारों की खरीद फरोख्त पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था सिपरी (सीआईपीआरआई) के न्यूक्लियर इंफोर्मेशन प्रोजक्ट के निदेशक हेंस क्रिस्टेंसन ने ट्वीट कर कहा कि मालदीव के फेढू फिनोलु द्वीप को तत्कालीन सरकार ने चीन को चार मिलियन डॉलर में लीज पर दिया गया था। अब चीन यहां साउथ चाइना सी की तर्ज पर बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। चीन ने हिंद महासागर में स्थित कई देशों को अपने कर्ज के जाल में फंसाया हुआ है।
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20 मिनट में भारत आ सकते हैं लड़ाकू विमान
मालदीव हिंद महासागर से आने-जाने वाले जहाजों के मुख्य मार्ग पर स्थित है। इस रास्ते से हर साल अरबों रुपये का व्यापार होता है। दूसरी तरफ भारत पर चीन यहां से कड़ी नजर रख रहा है। यहां से चीनी लड़ाकू विमानों को भारत पहुंचने में 20-25 मिनट का समय लगेगा। अब्दुल्ला यामीन के कार्यकाल के दौरान भारत और मालदीव के बीच तनाव बढ़ गया था। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मालदीव यात्रा रद्द कर दी थी।

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