जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत दहशतगर्दों के नौ ठिकानों को नेस्तनाबूद किया। आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को बेनकाब करने भारत का सर्वदलीय शिष्टमंडल 33 देशों में गया। इन देशों में अमेरिका भी शामिल है। सर्वदलीय शिष्टमंडल में शामिल झारखंड के सांसद सरफराज अहमद ने अमेरिका दौरे पर एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए पाकिस्तान को आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि अभी जो पाकिस्तानी हैं, वे भी कभी हिंदुस्तानी थे। आज वे हमसे लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्हें हमारी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके बर्ताव के कारण ही आधा पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया। हमसे बातचीत के बाद भी वे दहशतगर्दों को पनाह देने के पुराने ढर्रे पर चलने लगते हैं। सरफराज ने दो टूक कहा- पाकिस्तान को टेररिस्ट स्टेट कहना गलत नहीं होगा।
'हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाले शिष्टमंडल की प्रेस वार्ता के दौरान एक पत्रकार ने कहा, हम बार-बार देखते हैं कि पाकिस्तान भारत में मुस्लिमों की स्थिति पर टिप्पणी करता है। बिलावल भुट्टो ने भी इस पर बयान दिए हैं। आप खुद इस समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। क्या कहेंगे? इस पर भारत की तरफ से अपना पक्ष रखते हुए सरफराज ने शायराना अंदाज में कहा,
'हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती।' उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां सभी धर्म और संप्रदाय के लोगों को बिना किसी भेदभाव के सभी अधिकार और हक मिलते हैं। कई मामलों में अन्य नागरिकों से अधिक भी मिलता है।
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पाकिस्तान को हमारी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं
झारखंड की सत्ताधारी पार्टी- झामुमो के राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ने कहा, हम लोग हिंदुस्तानी हैं। हमने आतंकी ठिकानों पर हमले किए। पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए सरफराज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में छुट्टियां मनाने गए निहत्थे पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय के लोग दूसरे धर्म और समुदायों की तरह ही बढ़-चढ़ कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में पाकिस्तान को हमारी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
ब्राजील दौरे पर भी पाकिस्तान को बेनकाब किया
इससे पहले सरफराज ने ब्रासीलिया में भी पाकिस्तान को बेनकाब किया था। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा था, भारतीय शिष्टमंडल जहां भी गया, हमें सरकार में बैठे लोगों, राजनयिकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली... सभी आतंकवाद के खिलाफ हैं। पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए यह जरूरी था। पाकिस्तान की हरकतों की वजह से कोई भी उसे पसंद नहीं करता। यह शुरू से ही हमें परेशान करता रहा है।
पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प
बता दें कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि अब किसी भी दहशतगर्द के कायराना कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि भारत किसी भी आतंकी वारदात को 'एक्ट ऑफ वॉर' की तरह समझेगा और माकूल जवाब दिया जाएगा। इसी नीति से पूरी दुनिया को अवगत कराने की कवायद के तहत सरकार ने
सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया। भारत से गए शिष्टमंडलों में शामिल सांसदों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, राजनयिकों ने अमेरिका, अल्जीरिया, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फ्रांस, इटली जैसे देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। ग्रीस, बहरीन, कतर, रूस, जापान और यूएई जैसे देशों में भी दहशतगर्दों के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति बताई गई। वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक मुहिम के तहत पड़ोसी देश को बेनकाब किया गया।
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पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा के खिलाफ भारतीय शिष्टमंडल की मुखर मुहिम
दहशतगर्दों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से तिलमिलाए पड़ोसी देश पाकिस्तान ने खुद को पीड़ित बताने के लिए दुष्प्रचार का भी सहारा लिया है। तमाम घटनाक्रम की शुरुआत बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या के बाद हुई। पहलगाम हमले के बाद बीते दो महीने के दौरान पाकिस्तान के कई नेता-राजनयिक विदेशी मीडिया के सहारे भारत के खिलाफ जमकर प्रोपेगेंडा कर चुके हैं। पाकिस्तान के इन कुत्सित प्रयासों के खिलाफ भारत के सांसद मुखर होकर टिप्पणी कर रहे हैं। अलग-अलग दलों के होने के बावजूद सांसदों ने एक स्वर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दुनिया के सामने स्पष्टता से रखा और दहशतगर्दों के पनाहगाह बने पड़ोसी देश के हर दुष्प्रचार को धराशायी कर दिया।