फ्रांस की दवा निर्माता कंपनी सनोफी और जीएसके ने मिलकर कोरोना वैक्सीन के नए वर्जन को विकसित किया है। उनका दावा है कि दो ट्रायल के नतीजे सामने आने साबित हो गया है कि कोरोना वायरस के मेन वैरिएंट को तो यह मात दे ही सकता हैसाथ ही ओमिक्रॉन के BA.1 और BA.2 स्ट्रेन को भी हरा देगा। इसका इस्तेमाल बूस्टर शॉट के तौर पर किया जाए तो यह घातक वायरस को हराने में सफल है।
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सनोफी और जीएसके की पहली प्रायोगिक शाट की समीक्षा यूरोपीय मेडिसीन्स एजेसी के द्वारा की जा रही है। दोनों कंपनियां एक वैकसीन पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह आगे वायरल म्यूटेशन के खिलाफ बड़े स्तर पर सुरक्षा प्रदान करेगा। सनोफी ने बताया कि वैक्सीन का यह नया कैंडिडेट एंटीबॉडी के लेबल को मजबूत बनाता है। यह बात ट्रायल के दौरान साबित हुई।
फ्रांस के अस्पतालों के नेटवर्क द्वारा किए गए एक अलग ट्रायल मे सनोफी के बीटा एडेप्टर बूस्टर शाट से सनोफी के फर्स्ट जेनरेशन शाअ या फाइजर बायोएनटेक की वैक्सीन की तुलना में इसका इम्यून रेस्पांस कहीं अधिक है।
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सनोफी के वैक्सीन बिजनेस प्रमुख थामस ट्रायओम्फ ने कहा, "बीटा वैरिएंट सभी मल्टीपल वैरिएंट्स का म्यूटेशन दिखाता है। इसमें ओमक्रॉन भी शामिल है। इसमें यह वैक्सीन मजबूत कैंडिडेट बनता है। वालनेवा का प्रोडक्ट चीन के शहर वुहान में मिले कोरोना वायरस पर वालनेवा का प्रोडक्टर पर आधार है। इसी तरह बायोएनटेक-फाइजर और मॉडर्ना का डामिनेंट फर्स्ट जेनरेशन शाट विकसित किया गया था।