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Salman Rushdie: सलमान रुश्दी ने बताई न्यूयॉर्क में हुए हमले की कहानी, पढ़िए हमलावर के बारे में क्या बोले लेखक

Thu, 13 Jul 2023 01:36 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

मटर के मुकदमे की सुनवाई में शामिल होने के सवाल पर सलमान ने कहा कि आरोपी के बारे में मेरी कोई अधिक राय नहीं है। मेरे लिए महत्वपूर्ण है कि मैं अपना जीवन जी सकता हूं। मैं अपने व्यवसाय में ही काफी व्यस्त हूं। फिलहाल व्यवसाय को ही आगे बढ़ा रहा हूं।
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Salman Rushdie - फोटो : Social Media
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विस्तार
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बुकर पुरस्कार विजेता और लेखक सलमान रुश्दी ने न्यूयॉर्क पर हुए हमलों के बारे में पहली बार बात की। उन्होंने कहा कि हमले के कारण उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। मानसिक रूप से परेशान हैं। इस वजह से वह चिकित्सकीय सलाह ले रहे हैं और अपना इलाज कर रहे हैं।   

न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में हुआ था हमला

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एक साक्षात्कार में सलमान रुशदी ने बताया कि वे 76 साल के हैं। पिछले साल वे अमेरिका के न्यूयॉर्क में थे। इस दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम में शिरकत की, जहां एक आरोपी आया और उसने 10 बार चाकू से उनपर हमला किया। आरोपी का नाम हादी मटर था, जो पहले से ही हत्या के प्रयास में जेल में बंद था। रुश्दी फिलहाल इस दुविधा में हैं कि वह अपने हमलावर के खिलाफ कोर्ट में पेश हों या नहीं। उनका कहना है कि मुझे अजीब-अजीब से सपने आते हैं। पागलों जैसे महसूस होता है। इसलिए मैं एक चिकित्सक के साथ काम कर रहा हूं।

शारीरिक रूप से ठीक हैं
मटर के मुकदमे की सुनवाई में शामिल होने के सवाल पर सलमान ने कहा कि आरोपी के बारे में मेरी कोई अधिक राय नहीं है। मेरे लिए महत्वपूर्ण है कि मैं अपना जीवन जी सकता हूं। मैं अपने व्यवसाय में ही काफी व्यस्त हूं। फिलहाल व्यवसाय को ही आगे बढ़ा रहा हूं। हमले के कारण मेरा लीवर खराब हो गया है। एक आंख की रोशनी चली गई। हाथ में लकवा मार दिया। हालांकि, अब शारीरिक रूप से वे कमोबेश ठीक हैं। 

सलमान के खिलाफ जारी हो चुका है फतवा

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सलमान एक लेखक के तौर पर अपने ऊपर हुए हमले को शब्दों में पिरोकर एक किताब ला रहे हैं। किताब में पूरी घटना का जिक्र होगा। किताब करीब सौ पन्नों की होगी। हालांकि, सलमान के खिलाफ एक बार फतवा भी जारी हो चुका है। दरअसल, 30 साल पहले उन्होंने एक उपन्यास द सैटेनिक वर्सेज प्रकाशित की थी, जो काफी विवादास्पद रही। इसी वजह से ईरानी नेता अयातुल्ला खुमैनी ने फतवा जारी किया था। उपन्यास के कारण उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही है।

 

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