15 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी और सार्क देशों के नेताओं के बीच कोरोना वायरस से निपटने को लेकर बातचीत हुई। कोरोना वायरस के वैश्विक असर को देखते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रणनीति पर चर्चा की गई। बीते रोज ही सार्क देशों की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। इसमें सार्क देशों के शीर्ष व्यापार अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह बैठक कोविड19 महामारी के अंतर-क्षेत्रीय व्यापार पर होने वाले प्रभाव से निपटने को लेकर आयोजित की गई थी। लेकिन भारत में इस रणनीति का कुछ खास फायदा होता नहीं दिख रहा है।
21 दिन के लॉकडाउन के बाद भी देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान हैं। खबर लिखे जाने तक 5734 संक्रमितों के साथ देश में मौत का आंकड़ा 166 पहुंच चुका है। कल से अब तक 17 लोगों की मौत हुई है।
दुनिया की 20 फीसदी आबादी वाले सार्क देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बेशक 5000 के पार तक ही पहुंचे हैं लेकिन जिस तरह से आंकड़े तेजी से बदल रहे हैं उससे ये कहना गलत नहीं होगा कि भारत अमेरिका की राह पर चल पड़ा है। अमेरिका में इस वायरस से सबसे ज्यादा 4,32,132 लोग संक्रमित हैं। वहीं बात सार्क देशों की करें तो भारत पहले पायदान पर नजर आ रहा है। भारत इस संक्रमण से हुई मौतों में भी पहले स्थान पर पहुंच गया है।