विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर मिस्र के दौरे पर पहुंचे हैं और उन्होंने मिस्र के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए वहां के विदेश नीति के क्षेत्र में प्रतिष्ठित हस्तियों से मुलाकात भी की। अपने दौरे के क्रम में एस जयशंकर ने मिस्र में भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत में मेडिकल हब और कोरोना के दौरान किए गए कामों के बारे में बात की। वहीं, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल सीसी के साथ बहुत अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं। इतना ही नहीं वह कुछ समय से यहां का दौरा करना चाहते हैं, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण उनकी यात्रा का कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा है।
काहिरा की यात्रा पर हैं विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों अपने मिस्र के समकक्ष समेह शौकी के निमंत्रण पर पहली बार मिस्र की यात्रा पर हैं। उन्होंने शनिवार को राजधानी काहिरा में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने काहिरा में भारतीय समुदाय से कहा कि हमारे व्यापार संबंधों में एक बड़ा विकास यह है कि मिस्र ने भारत से गेहूं का आयात करना शुरू कर दिया है। मिस्र के बारे में अच्छी बात यह है कि व्यापार दोनों पक्षों से उचित रूप से संतुलित रहा है। आगे उन्होंने कहा कि मिस्र ने एक आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के साथ उद्यम स्थापित करने के बारे में विशेष इच्छा जताई है। और जयशंकर ने कहा कि इस बारे में भारत में अपने शिक्षा मंत्री के साथ इस पर चर्चा करूंगा। वहीं, इसी दौरान उनसे एक सवाल पूछा गया कि वह प्रधानमंत्री मोदी को मिस्र जाने की सलाह कब देंगे? इस पर जयशंकर ने कहा, काहिरा की यात्रा के लिए उन्हें मेरी सलाह की जरूरत नहीं है।
इस सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिस्र के राष्ट्रपति सीसी के साथ बहुत अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं। मुझे पता है कि वह कुछ समय से मिस्र जाना चाहते हैं, लेकिन कोरोना के कारण वे यहां की यात्रा करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। कोविड प्रतिबंधों के कारण उनका कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा है, लेकिन वे सदैव यहां की यात्रा करने के लिए तैयार हैं।
आखिरी बार पूर्व पीएम मनमोहन सिंह गए थे काहिरा
भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री की आखिरी यात्रा 2009 में हुई थी, जब डॉ. मनमोहन सिंह गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन के लिए काहिरा गए थे।
एस जयशंकर बोले यह आज का भारत
मिस्र में भारतीयों से बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमने कोविड के दौरान भारतीयों को घर वापस लाने का अभूतपूर्व काम किया। यह आज का भारत है, जो बड़े काम करने में सक्षम है। आज साबित हो गया है कि यह चुनौतियों का सामना कर सकता है। आगे उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद से स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। लाखों लोगों को कवर करने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली आगे बढ़ रही है इसमें पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों न इसका लाभ लिया है।
काहिरा में रहते हैं अधिकांश भारतीय मूल के लोग
इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में देश की छवि को आकार देने के लिए प्रवासी भारतीयों को धन्यवाद दिया। बता दें कि इस समय, मिस्र में रहने वाले भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 3200 है, इनमें से अधिकांश भारतीय मूल के निवासी काहिरा में रहते हैं। अलेक्जेंड्रिया, पोर्ट सईद और इस्माइलिया में भी कुछ भारतीय मूल के परिवार हैं।
अपने मिस्र के समकक्ष से भी की मुलाकात
इससे पहले, शनिवार को उन्होंने अपने मिस्र के समकक्ष शौकरी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष और इंडो-पैसिफिक सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और अधिक लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने पर विचारों को साझा किया था।
मिस्र के राष्ट्रपति से मुलाकात की
जयशंकर ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी से मुलाकात की। जयशंकर ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का एक निजी पत्र भी सौंपा। मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी से मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक अभिवादन किया और निजी पत्र भी सौंपा। जयशंकर ने सीओपी 27 की सफलता के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान जी20 में मिस्र की भागीदारी को महत्व देता है। भारत मिस्र की अध्यक्षता में सीओपी27 की सफलता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।