विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप-प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूएई-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की गई।
बात दें कि विदेश मंत्री जयशंकर अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को यूएई पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और भारत-यूएई संबंधों को नई गति देना है।
विदेश मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री एचएच हमदान मोहम्मद से मिलकर खुशी हुई। हमारे गहरे दोस्ताना संबंधों और लोगों की भलाई के लिए आगे बढ़ने पर गर्मजोशी से चर्चा हुई।'
हमदान ने भी जयशंकर के साथ मुलाकात के बारे में दी जानकारी
इसके अलावा, यूएई के उप-प्रधानमंत्री हमदान ने भी कहा कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री के साथ मुलाकात में यूएई-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
जयशंकर ने हमदान को भारत आने का दिया न्योता
मुलाकात के दौरान जयशंकर ने हमदान को अप्रैल में भारत आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण दिया, जिसे हमदान ने स्वीकार किया। हमदान ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री से अप्रैल में भारत की यात्रा करने का निमंत्रण पाकर मैं प्रसन्न हूं। हमारे देशों के बीच स्थायी संबंधों ने यूएई-भारत संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हमारी साझेदारी द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में कार्य करती है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता में योगदान देती है।'
यूएई के राष्ट्रपति नाहयान से भी हुई मुलाकात
सोमवार को विदेश मंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस व्यापक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति पर चर्चा की गई।
अबू धाबी में इनसे भी मिले विदेश मंत्री जयशंकर
इससे पहले, जयशंकर ने अबू धाबी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने अबू धाबी में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन मिडिल ईस्ट थिंक टैंक काउंसिल के सदस्यों के साथ भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप और मध्य पूर्व के बीच बातचीत को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, जयशंकर ने अबू धाबी में रायसीना यूएस-इंडिया एआई फेलो और जिम्मेदार एआई पर रायसीना इंडिया-यूएस टास्कफोर्स के सदस्यों से भी मुलाकात की।