सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉरीशस के पीएम नवीन रामगुलाम से मुलाकात कर पीएम मोदी का संदेश दिया। दोनों देशों के मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम
- फोटो : ANI
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं और संदेश पहुंचाया।जयशंकर ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच रिश्ते काफी मजबूत हैं और पिछले एक साल में कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मुलाकात की जानकारी साझा की।
जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत मॉरीशस को तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक बड़ा समझौता अंतिम रूप दे रहा है। इसका मकसद मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है, खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच।
अब समझिए क्यों जरूरी है यह समझौता?
जयशंकर ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध और ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। इससे वैश्विक तेल कीमतों में भी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि भारत की एक सरकारी कंपनी मॉरीशस में पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट बना रही है।
ये भी पढ़ें:- Pakistan: पाकिस्तानी पीएम शरीफ और सेना प्रमुख को नोबेल पुरस्कार देने की मांग, पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश
उन्होंने कहा कि दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहे हैं। पहले से ही 8 मेगावाट का सोलर प्लांट हेनरीएटा में चल रहा है। भारत और मॉरीशस इंटरनेशनल सोलर एलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस के तहत भी साथ काम कर रहे हैं।
ई-बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट
जयशंकर ने कहा कि भारत जल्द ही मॉरीशस को ई-बसों की आखिरी खेप सौंपेगा, जिससे वहां का सार्वजनिक परिवहन बेहतर होगा और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में दोनों देशों के रिश्तों में काफी तेजी से प्रगति हुई है। बता दें कि नरेंद्र मोदी की पिछले साल मॉरीशस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘संवर्धित रणनीतिक साझेदारी’ तक बढ़ाने का फैसला किया था।
आपसी सहयोग के कई क्षेत्र
जयशंकर ने बताया कि भारत और मॉरीशस के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है, जैसे की-
-
समुद्री सुरक्षा
-
विकास परियोजनाएं
-
स्वास्थ्य और शिक्षा
-
कौशल विकास
-
लोगों के बीच संपर्क
ये भी पढ़ें:- Ukraine War: यूक्रेन में ऑर्थोडॉक्स ईस्टर पर 32 घंटे का संघर्षविराम, पुतिन का एलान; शांति की दिशा में अहम कदम
अब यूएई के दौरे पर जाएंगे जयशंकर
गौरतलब है कि मॉरीशस दौरे के बाद जयशंकर 11-12 अप्रैल को संयुक्त अरब अमीरात जाएंगे। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्षविराम पर सहमति बनी है। दोनों देश अब आगे स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि भारत न सिर्फ अपने हितों को मजबूत कर रहा है, बल्कि अपने मित्र देशों की मदद में भी आगे बढ़ रहा है।