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कुवैत-बहरीन से द्विपक्षीय संबंधों पर भारत का जोर, दोनों देशों के समकक्षों से मिले जयशंकर

Sun, 27 Oct 2019 06:34 AM IST
Vikas Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख सबा खालिद अल-हमद अल-सबा के साथ मैत्रीपूर्ण मुलाकात की। - फोटो : Social Media
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को अजरबैजान में गुट निरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) शिखर सम्मेलन से इतर कुवैत और बहरीन के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की। शुक्रवार को शुरू हुए 18वें शिखर सम्मेलन में 120 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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भारत एनएएम का संस्थापक सदस्य है, जो विश्व नेताओं के सबसे बड़े मंचों में से एक है। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘कुवैत के विदेश मंत्री शेख सबा खालिद अल-हमद अल-सबा के साथ मैत्रीपूर्ण मुलाकात की। हमारी ऐतिहासिक दोस्ती और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का गहरा महत्व है।’
जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख सबा खालिद अल-हमद अल-सबा के साथ मैत्रीपूर्ण मुलाकात की।

बता दें कि कुवैत भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है। 2017-18 में कुवैत भारत का 9वां सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था और यह देश की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 4.63 प्रतिशत पूरा करता है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, इस तेल समृद्ध देश में कानूनी रूप से रहने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 8 लाख के आंकड़े को पार कर गई है।
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कुवैत के अलाव जयशंकर ने बहरीन के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इसके बाद एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘बहरीन के विदेश मंत्री खालिद अल खलीफा से मुलाकात कर बहुत अच्छा लगा। हमेशा की तरह गर्मजोशी भरा।’ भारत और बहरीन के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सौहार्दपूर्ण आदान प्रदान के साथ दोनों देशों के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध हैं। बहरीन में करीब साढ़े तीन लाख भारतीय नागरिक रहते हैं।

अजरबैजान के प्राचीन अग्नि मंदिर पहुंचे उपराष्ट्रपति
गुटनिरपेक्ष सम्मेलन में भाग लेने आए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू शनिवार को अजरबैजान के प्राचीन अग्नि मंदिर पहुंचे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘बाकू में आतिशगाह अग्नि मंदिर जाकर बड़ी खुशी हुई। यह मंदिर दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आदान प्रदान का अच्छा उदाहरण है। 

18वीं सदी के इस मंदिर की दीवारों पर देवनागरी और गुरमुखी लिपि में अभिलेख लिखे हैं।’ यह मंदिर उस व्यापारिक संबंध और आतिथ्य का सबूत है, जो यूरोप जाने के सिल्क मार्ग पर भारतीय व्यापारियों को अजरबैजान के बाकू व गांजा जैसे शहरों में मिलता था। इससे पहले शिखर सम्मेलन से इतर उपराष्ट्रपति ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से मुलाकात की और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। 

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