रूसी महिलाओं के एक समूह ने सोमवार को मास्को में रक्षा मंत्रालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने रक्षा मंत्री से यूक्रेन के मोर्चे पर तैनात सैनिकों की वापसी की मांग की। रूसी महिलाएं महीनों से अपने पति, बेटों और भाइयों की वापसी के लिए अधिकारियों पर दबाव डालने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। सितंबर 2022 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश के बाद रूसी महिलाओं को लामबंद कर दिया गया था।
विरोध प्रदर्शन में शामिल महिला पॉलिना ने बताया कि वह 20 वर्ष की है। उसका पति यूक्रेन में लड़ रहा है। महिलाएं चाहती हैं कि रक्षा मंत्री इस बात पर सख्त सीमाएं लागू करें कि सैनिक कितने समय तक सेवा कर सकते हैं। उसके बाद ही उन्हें सक्रिय ड्यूटी से बाहर होना पड़ेगा। इसलिए 18 महिलाओं का एक समूह रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव से व्यक्तिगत रूप से अपील करने के लिए एकत्र हुआ था।
पुशचेयर पर छोटे बच्चों को लेकर पहुंची महिलाएं
पॉलिना ने टेलीग्राम एप पर जो तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए हैं, उनमें महिलाएं 'कृपया पापा को घर ले आएं' जैसे नारे लिखे पोस्टर पकड़े हुए हैं। कई महिलाएं अपने स्कूली बच्चों और छोटे बच्चों को पुशचेयर पर लेकर आई थीं। उन्होंने बताया कि महिलाओं से बात करने के लिए मंत्रालय का कोई भी अधिकारी भवन से बाहर नहीं आया, जिसके बाद रूसी महिलाएं आक्रोशित हो उठीं और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुतिन ने 2022 में तीन लाख आरक्षित सैनिक संगठित किए
बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध तीसरे साल में प्रवेश कर चुका है। अभी इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सितंबर 2022 में तीन लाख आरक्षित सैनिकों को संगठित किया था। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने स्वेच्छा से अनुबंध सैनिकों के रूप में नामांकन कराया है। पुतिल ने कसम खाई है कि रूसी सैनिक तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्य को पूरा नहीं कर लेते।