रूस के साइबेरिया की सर्द वादियों और घने जंगलों में तीन साल का एक बच्चा जंगली जानवरों के बीच ‘मोगली’ की तरह घूमता रहा। ताज्जुब की बात तो यह है कि माइनस 12 डिग्री सेल्सियस औसत तापमान वाले इस क्षेत्र में यह बहादुर बच्चा चॉकलेट खाकर जिंदा रहा, जो यह अपने साथ लेकर आया था। देवदार के पेड़ के नीचे सूखे पत्तों पर यह बच्चा सोया रहा। इस बच्चे का नाम सेरिन डोपचट है।
दरअसल, अपने पालतू कुत्ते का पीछा करते हुए यह जंगलों में गायब हो गया था। खेलते समय उसकी दादी उसे देख रही थीं पर अचानक वह कहां गायब हो गया किसी को पता ही नहीं चला। उसे खोजने में 72 घंटे लगे। 100 से ज्यादा लोग इस अभियान में लगे थे।
एक हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई। तुवा रिपब्लिकन के प्रमुख शोलबान कारा ओल ने उसके जिंदा बचे रहने की घोषणा करते हुए ब्लॉग में लिखा, ‘हुर्रे! छोटा सेरिन जिंदा पाया गया! खुट गांव से तीन किलोमीटर की दूरी पर टैगा में वह एक खोजी अभियान के दौरान मिला।’