रूस का रोबोटिक टैंक (फाइल फोटो)
- फोटो : Russia Advanced Research Foundation.
रूस के एक वरिष्ठ शोधकर्ता ने दावा किया है कि सैनिकों की बजाय युद्धक्षेत्र में तेज और अधिक सटीक नतीजों के लिए रोबोट्स को तैनात किया जाएगा। विटाली डेविडोव ने अप्रैल में स्थानीय मीडिया से कहा, 'जीवित सैनिकों को धीरे-धीरे रोबोट से बदला जाएगा, जो लोगों की तुलना में तेजी से, ज्यादा सटीक और अधिक चुनिंदा कार्य कर सकते हैं।'
डेविडोव रूस के एडवांस रिसर्च फाउंडेशन के उप-निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि रोबोट्स अपनी तेज गति के कारण सैन्य संघर्ष का भविष्य हो सकते हैं क्योंकि वे ज्यादा सटीक तरीके से लक्ष्य का चयन कर सकते हैं। इस साल के अंत में रूस अपने नए विकसित रोबोट द मार्कर यूजीवी का परीक्षण करना शुरू करेगा।
सेंटर फॉर नेवल एनालिसिस के सवाहकार सैमुअल बेनडेट ने कहा, अभी भी रूस के पास एक वर्गीकृत सैन्य रोबोटिक्स का रोड-मैप है जो रूसी सैन्य विकास के विभिन्न चरणों को दर्शाता है। यह निस्संदेह रूप से रूसी सैन्य कार्यों और सीरिया में मिले अनुभव से प्रभावित है। परीक्षण के दौरान कुछ रोबोट्स का प्रदर्शन खराब था लेकिन रूस के रक्षा मंत्रालय को मार्कर यूजीवी से काफी उम्मीदे हैं। यह एक टैंक है जिसे किसी क्रू की जरूरत नहीं होती है।
बेंडेट ने कहा कि रूस 'रोबोटिक स्वार्म्स' के उपयोग पर चर्चा कर रहा है। जिससे एक बार में बड़ी संख्या में स्वायत्त वाहनों को लॉन्च किया जा सकता है। पेंटागन भी रूस की तरह रोबोट सैन्य क्षमताओं को विकसित कर रहा है। इसी बीच चीन भी कोविड-19 महामारी के मद्देनजर संक्रमित मरीजों को सहायता प्रदान करने के लिए रोबोट्स का इस्तेमाल कर रहा है।
एक चीनी अस्पताल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित दो रोबोटों का उपयोग करना शुरू किया जो कोरोना वायरस रोगियों के इलाज में मदद करने के साथ ही खुद को कीटाणुरहित करने में सक्षम थे। ये रोबोट मरीजों को दवा और खाना देने के साथ ही उनसे चादरें लेने और मेडिकल कचरा इकट्ठा करने का काम करते थे।