रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन
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यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण पश्चिमी देशों के प्रतिबंध झेल रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सप्ताह दो देशों का दौरा करने वाले हैं। रूसी मीडिया ने पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब का दौरा करेंगे। उनकी यह यात्रा तब हो रही है जब हाल ही में ओपेक + समूह ने प्रतिदिन लगभग 2.2 मिलियन बैरल की कुल स्वैच्छिक उत्पादन कटौती पर सहमति जताई है।
रूसी मीडिया रिपोर्ट में उशाकोव के हवाले से बताया गया है कि पुतिन पहले यूएई और फिर सऊदी अरब जाएंगे। वहां वे मुख्य रूप से क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ बातचीत करेंगे। उशाकोव ने कहा कि इस यात्रा और दोनों के बीच वार्ता बहुत उपयोगी होगी। हम हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
हाल में नहीं की है किसी देश की यात्रा
गौरतलब है कि हाल के सालों में देखें तो पुतिन ने लंबे समय से विदेश की यात्रा नहीं की है। अगर वे कही गए हैं तो उनमें से ज्यादातर पूर्व सोवियत संघ के राज्यों ही हैं। इन देशों से इतर वे आखिरी बार अकतूबर में चीन यात्रा पर गए थे।
इस रणनीति पर काम कर रहे हैं पुतिन
पश्चिमी देशों के प्रतिबंध और आलोचनाएं झेल रहा रूस ओपेक+ समूह के देशों के साथ सहयोग के अलावा गैर-पश्चिमी देशों के साथ वैश्विक गठबंधन बनाने में भी लगे हैं। अपने इसी अभियान के हिस्से के रूप में वे खाड़ी देशों को साधने में लगे हैं। इसके जरिए पुतिन यह दिखाना चाहते हैं कि यूक्रेन पर हमले के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उसे कोई भय नहीं है।
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय जारी कर चुका है गिरफ्तारी का वारंट
बता दें कि इससे पहले मार्च माह में पुतिन की विदेश यात्राओं पर खतरे के बादल मंडराए थे जब अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट यूक्रेन में किए गए युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार होने के आरोप में जारी किया गया है। हालांकि रूस ने आईसीसी के इस कदम की आलोचना की थी। रूस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपमानजनक बताया था। उन्होंने कहा था कि आईसीसी का यह कदम गलत है क्योंकि रूस आईसीसी का सदस्य नहीं है। इसके अलावा, सऊदी अरब और यूएई दोनों आईसीसी के सदस्य नहीं हैं, इसलिए पुतिन आईसीसी वारंट के तहत गिरफ्तार होने के डर के बिना दोनों देशों की यात्रा कर सकते हैं।