रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन में जारी युद्ध और उससे उपजे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जानकारी के मुताबिक, क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन के जरिए बातचीत की। इस दौरान यूक्रेन के आसपास की स्थिति और वैगनर मुद्दों पर बात हुई। दोनों ने इन्हें कैसे हल किया जाए, इस पर बात की।
पुतिन का पीएम मोदी को फोन ऐसे वक्त पर आया है, जब हाल ही में पीएम अमरिका का ऐतिहासिक दौरा कर के वापस लौटे हैं। रूस और अमेरिका की तनातनी की वजह कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन पुतिन के फोन ने उन पर विराम लगा दिया है। इससे पहले रूस के राष्ट्रपति गुरुवार को एक कार्यक्रम में भारत-रूस के रिश्तों पर खुलकर बात की थी। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ भी की थी।
भारत की पहल पर हुई बातचीत
जानकारी के मुताबिक, भारत की पहल पर रूस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की। क्रेमलिन ने बताया कि रूस में 24 जून की घटनाओं के संबंध में पीएम मोदी ने कानून-व्यवस्था की रक्षा, देश में स्थिरता और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के रूस के कदमों का समर्थन किया।
अमेरिका दौरे पर भी पीएम ने की चर्चा
द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा करते हुए दोनों ने प्रमुख संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन के महत्व पर भी बात की। दोनों ने 2022 और इस साल पहली तिमाही में व्यापार में पर्याप्त वृद्धि पर संतोष जताया। शंघाई सहयोग संगठन और जी-20 के साथ-साथ ब्रिक्स के प्रारूप पर भी दोनों ने बात की। इसके अलावा पीएम मोदी ने अपने अंतरराष्ट्रीय दौरों के बारे में भी पुतिन से बात की। उन्होंने अपनी हालिया वाशिंगटन यात्रा के बारे में भी पुतिन से चर्चा की।
पीएम मोदी को बताया था दोस्त
रूस में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा था कि मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी बेहतरीन काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कुछ सालों पहले मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर दिख रहा है। पीएम मोदी ने एक ऐसी अर्थव्यवस्था के निर्माण पर जोर दिया जो विदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करने के बजाय स्वयं आधुनिक सामान, सेवाओं और तकनीकों को तैयार करते हैं।
रूसी राजदूत ने भी की सराहना
हाल ही में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने भी नई दिल्ली में कहा था कि रूस-भारत रणनीतिक साझेदारी ने ताकत दिखाई है। हम पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रहे हैं। कुछ लोग रूस के बारे में झूठ परोस रहे हैं। रूस-भारत संबंधों को बाधित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।