रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी सेना की ‘आंशिक लामबंदी’ का एलान कर दिया है। इससे कई दिनों से जारी इस कयास की पुष्टि हो गई है कि यूक्रेन के खारकीव में लगे झटके के बाद रूस वहां बड़े जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है। आम समझ है कि पुतिन की ताजा घोषणा का मतलब यही है। मास्को में मंगलवार को तेजी से घटी घटनाओं का भी इसी बात का संकेत माना गया था।
पुतिन ने राष्ट्र के नाम एक विशेष संबोधन में कहा कि रूस को 1000 किलोमीटर लंबी सीमा पर पश्चिमी देशों की साझा सैनिक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रूस में ये आम चर्चा रही है कि यूक्रेन की तरफ से वहां युद्ध का संचालन पश्चिमी ताकतें कर रही हैं। समझा जाता है कि बुधवार को पुतिन ने उसी तरफ इशारा किया। इसके पहले मंगलवार को रूसी संसद ड्यूमा ने ऐसे कई संशोधन पारित किए, जिनसे रूस सरकार को युद्ध का एलान करने का अधिकार मिल गया। बीते 24 फरवरी को पुतिन ने यूक्रेन में विशेष सैनिक कार्रवाई की घोषणा की थी। यानी रूस ने औपचारिक रूप से युद्ध का एलान नहीं किया था। अभी उन्होंने इसे ‘आंशिक लामबंदी’ ही कहा है।
ड्यूमा ने जिन संशोधनों को मंजूरी दी है, उनके तहत ‘युद्ध काल में किए गए अपराधों’ के लिए दंड, और इस अवधि के लिए मार्शल लॉ का प्रावधान भी किया गया है। बुधवार को पुतिन के संबोधन के बाद रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने बताया कि इसके तहत तीन लाख सैनिकों को यूक्रेन भेजा जाएगा। इसके पहले रूसी प्रांत चेचन्या के नेता रमजान कादिरोव ने कहा था- बदले की नई कार्रवाई के तहत दुश्मन को सबसे कठिन परिणाम भुगतने होंगे। अब जो कार्रवाई होगी, उसके सामने पिछली सभी कार्रवाइयां बच्चों का मजाक मालूम पड़ेंगी।
विश्लेषकों के मुताबिक खारकीव में जब से यूक्रेन की सेना ने रूसी सेना को पीछे हटने को मजबूर किया, तब से रूस में बेचैनी का आलम रहा है। समझा जाता है कि नए फैसलों के तहत अब रूस वायु सेना समेत हर तरह की ताकत का इस्तेमाल करेगा। रूस के समर्थन दोनबास इलाके के क्षेत्रों में 23 से 27 सितंबर तक जनमत संग्रह कराने का कार्यक्रम घोषित किया गया है। समझा जाता है कि जनमत संग्रह के जरिए वहां के रूसी मूल के बाशिंदे पूरे दोनबास इलाके को रूस में मिलाने का फैसला करेंगे। उसके तुरंत बाद रूस ऐसा कदम उठा लेगा। विश्लेषकों के मुताबिक उस कदम के खिलाफ संभावित पश्चिमी कार्रवाई को देखते हुए रूस सरकार ने ‘आंशिक गोलबंदी’ का फैसले लेने में फुर्ती दिखाई है।
रूसी रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि रूस किसी भी सूरत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस जब चाहे युद्ध के लिए तीन करोड़ सैनिक लामबंद कर सकता है। इसके पहले मंगलवार को राष्ट्रपति पुतिन ने रूस के सैन्य साजो-सामान बनाने वाली कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें उन्होंने उन कंपनियों को हथियार, उपकरणों और सैनिकों के खास बचाव पहनावों का उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया।
बुधवार को पुतिन ने पश्चिमी देशों पर परमाणु ब्लैकमेल करने का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि अगर रूस की प्रादेशिक अखंडता पर आंच आई, तो रूस अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी कि वे उनकी इस बात को गीदड़ भभकी ना समझें। विश्लेषकों ने इसे खतरनाक चेतावनी माना है। उनकी राय में यह खुलेआम परमाणु हमले की चेतावनी है।