रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कुरिल द्वीप समूह के इटुरुप द्वीप का दौरा किया। यह जापान के दावे वाला क्षेत्र है और पुतिन की यहां पहली यात्रा है। दौरे के बाद जापान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और द्वीप को अपना अभिन्न क्षेत्र बताया। वहीं, पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों में दर्ज वास्तविकता बताया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रशांत महासागर में स्थित कुरिल द्वीप समूह के दक्षिणी हिस्से में आने वाले इटुरुप द्वीप का दौरा किया। यह रूस के नियंत्रण में है, लेकिन जापान इन द्वीपों पर अपना क्षेत्रीय दावा करता है।
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने पुतिन के इटुरुप दौरे का कड़ा विरोध किया। जापान इस द्वीप को एटोरुफू कहता है। मोतेगी ने कहा कि जापान इन द्वीपों पर ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय कानून के नजरिए से अपने अधिकार का दावा करता है। जापान ने इससे पहले 2021 में भी रूस के तत्कालीन प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन के इटुरुप दौरे पर विरोध जताया था।
जापान कुरिल द्वीप समूह के चार सबसे दक्षिणी द्वीपों पर अपना क्षेत्रीय अधिकार जताता है और इन्हें ‘नॉर्दर्न टेरिटरीज’ कहता है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में सोवियत संघ ने इन द्वीपों को जापान से अपने नियंत्रण में ले लिया था।
इस क्षेत्रीय विवाद के कारण रूस और जापान के बीच द्वितीय विश्व युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने वाली शांति संधि भी अब तक नहीं हो सकी है। कई दशकों से दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत होती रही है, लेकिन कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकल पाया।
रूस ने पिछले वर्षों में कुरिल द्वीपों पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। इससे इस क्षेत्र को लेकर मॉस्को के रुख की मजबूती का संकेत मिलता रहा है।
पुतिन ने बुधवार को एक युद्धपोत पर सवार होकर कहा था कि कुरिल द्वीपों की मौजूदा स्थिति द्वितीय विश्व युद्ध के परिणाम के बाद बनी वास्तविकता के रूप में अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों में दर्ज है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रूस जापान के साथ शांति संधि करने के उद्देश्य से समाधान तलाशने के लिए तैयार रहा है। पुतिन ने पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे समेत कई जापानी नेताओं के साथ मॉस्को के रचनात्मक संबंधों का भी उल्लेख किया।
पुतिन ने कहा कि जापान का रुख रूस के यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू करने के बाद बदल गया। जापान ने 2022 में रूस पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके बावजूद पुतिन ने कहा कि रूस अपने सभी पड़ोसियों, जिसमें जापान और क्षेत्र के अन्य देश शामिल हैं, के साथ सहयोग के लिए तैयार है।