इससे पहले एनएसए अजीत डोभाल ने कहा, 'राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के बारे में जानकर हम बहुत उत्साहित और प्रसन्न हैं। मुझे लगता है कि अब तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं। आपने बिल्कुल सही कहा है कि हमारे बीच एक बहुत ही खास, दीर्घकालिक रिश्ता है और हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। हमारे बीच उच्च-स्तरीय बैठकें हुई हैं। इन उच्च-स्तरीय बैठकों ने बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।'
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने अपनी मॉस्को यात्रा के दौरान कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं। एनएसए ने अपनी बैठकों में किसी निश्चित तारीख या समय का संकेत नहीं दिया है। अगस्त के अंत का बताया जा रहा समय गलत है। इससे पहले खबर आई थी कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस महीने के अंत में भारत का दौरा कर सकते हैं। इस बीच अजीत डोभाल ने गुरुवार को क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। डोभाल की ओर से साझा किए गए वीडियो में बातचीत से पहले डोभाल पुतिन से हाथ मिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छेड़ी गई अमेरिकी टैरिफ वॉर के बीच यह दौरा काफी अहम होने वाला है। ट्रंप लगातार भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बना रहे हैं।
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अजीत डोभाल ने रूसी समकक्ष से मुलाकात की
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। शोइगु ने कहा कि दोनों देश मजबूत मैत्री संबंधों से जुड़े हुए हैं। डोभाल द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों पर महत्वपूर्ण वार्ता करने और इस वर्ष के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए बुधवार को मॉस्को पहुंचे हैं। उनकी यात्रा ऐसे दिन शुरू हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने पर दंड के रूप में भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का एक कार्यकारी आदेश जारी किया। ट्रंप की ओर से भारत पर लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ आज से प्रभावी हो गया, जबकि बाकी 25 फीसदी 27 अगस्त से प्रभावी होगा।
नई पूर्ण वार्ता का समय तय करना महत्वपूर्ण
शोइगु ने डोभाल के साथ बैठक में कहा कि मॉस्को और नई दिल्ली के लिए राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई पूर्ण वार्ता का समय तय करना महत्वपूर्ण है। सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने उनके हवाले से कहा गया, 'हमारे देशों के बीच अब एक बहु-स्तरीय विश्वास-आधारित राजनीतिक संवाद प्रभावी ढंग से चल रहा है। यह राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच नियमित संपर्कों पर आधारित है। हमारे नेताओं के बीच अगली पूर्ण वार्ता की तारीखें तय करना महत्वपूर्ण है।'
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शोइगु ने और क्या कहा?
शोइगु ने कहा कि रूस और भारत मजबूत, समय के साथ प्रगाढ़ होते मैत्री संबंधों से जुड़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि मॉस्को के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात भारत के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रूप से मजबूत करना है, जो आपसी सम्मान, विश्वास, एक-दूसरे के हितों के प्रति समान विचार और एक एकीकृत एजेंडे को बढ़ावा देने की इच्छा पर आधारित है।
'वार्ता का ठोस परिणाम निकलेगा'
उन्होंने आगे कहा कि हम एक नई, अधिक न्यायसंगत और टिकाऊ विश्व व्यवस्था बनाने, अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन को सुनिश्चित करने और आधुनिक चुनौतियों और खतरों का संयुक्त रूप से मुकाबला करने के लिए सक्रिय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। TASS की रिपोर्ट के मुताबिक, डोभाल ने आशा व्यक्त की कि शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए नई दिशाएं प्रदान करेगा और वार्ता का ठोस परिणाम निकलेगा।