रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन हुई से मुलाकात की। पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में रूस का समर्थन करने के लिए उत्तर कोरिया का धन्यवाद किया। यह दोनों देशों के बीच हाल के समय की एक और अहम उच्चस्तरीय कूटनीतिक मुलाकात है। रूस के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी।
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क्या किम जोंग उन की रूस यात्रा की तैयारी हो रही है?
उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन हुई की यह रूस यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन या दोनों देशों का कोई विशेष राष्ट्रीय समारोह नहीं है। इसलिए माना जा रहा है कि वह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की संभावित रूस यात्रा की तैयारी कर रही हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने बताया कि चोए शनिवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के निमंत्रण पर रूस रवाना हुईं। हालांकि, किम जोंग उन और पुतिन की एक और मुलाकात की संभावना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई?
सोमवार को चोए सोन हुई और सर्गेई लावरोव के बीच अलग से बातचीत हुई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, रूस ने उत्तर कोरिया की संप्रभुता और सुरक्षा हितों की रक्षा के प्रयासों का पूरा समर्थन किया। वहीं, उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस के समर्थन को फिर दोहराया।
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दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता यून मिन हो ने कहा कि सियोल इन बैठकों पर लगातार नजर रखे हुए है। लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या रूस और उत्तर कोरिया के बीच दोनों देशों के नेताओं की एक और शिखर बैठक पर चर्चा हो रही है।
🇷🇺🇰🇵 President of Russia Vladimir Putin received DPRK Foreign Minister Choe Son-hui at the Kremlin.
पुतिन ने क्या कहा?
रूस के सरकारी मीडिया ने बताया कि रविवार को क्रेमलिन में हुई मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के अच्छे संबंधों की सराहना की। उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के लिए उत्तर कोरिया के नेतृत्व और वहां के लोगों का फिर से धन्यवाद किया। चोए सोन हुई ने पुतिन से कहा कि किम जोंग उन रूस के साथ संबंधों को हर क्षेत्र में और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
दोनों देशों के बीच पहले क्या समझौता हुआ था?
किम जोंग उन वर्ष 2019 और 2023 में रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में पुतिन से मिलने गए थे। जून 2024 में पुतिन ने प्योंगयांग की यात्रा के दौरान किम को फिर से रूस आने का निमंत्रण दिया था। उसी बैठक में दोनों नेताओं ने एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में कहा गया था कि यदि किसी भी देश पर हमला होता है, तो दोनों एक-दूसरे की मदद करेंगे।