फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Russia-North korea: 24 साल बाद पुतिन पहुंचे उत्तर कोरिया; अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ मिलकर काम करना चाहते हैं

Wed, 19 Jun 2024 04:24 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

समाचार एजेंसी आरआईए-नोवोस्ती और इंटरफैक्स के अनुसार पुतिन का प्योंगयांग के हवाई अड्डे पर उत्तर कोरियाई नेता किम-जोंग-उन ने स्वागत किया। पुतिन, 24 वर्षों में उत्तर कोरिया की अपनी पहली यात्रा पर हैं। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन में उनकी सैन्य कार्रवाइयों के लिए देश के दृढ़ समर्थन की सराहना की।
विज्ञापन
व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 24 साल बाद उत्तर कोरिया की यात्रा पर पहुंचे। रूसी समाचार एजेंसी के मुताबिक दोनों देश वाशिंगटन के साथ बढ़ते टकराव के मद्देनजर अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों को दूर करने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।

विज्ञापन


समाचार एजेंसी आरआईए-नोवोस्ती और इंटरफैक्स के अनुसार पुतिन का प्योंगयांग के हवाई अड्डे पर उत्तर कोरियाई नेता किम-जोंग-उन ने स्वागत किया। पुतिन, 24 वर्षों में उत्तर कोरिया की अपनी पहली यात्रा पर हैं। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन में उनकी सैन्य कार्रवाइयों के लिए देश के दृढ़ समर्थन की सराहना की। यह यात्रा उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन द्वारा सितंबर 2023 में पुतिन को निमंत्रण दिए जाने के बाद हो रही है। 

विशेषज्ञों के अनुसार पुतिन की यह यात्रा हथियार समझौते के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच हुई है। उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में सड़कों को पुतिन और रूसी झंडों के चित्रों से सजाया गया था। एक इमारत पर एक बैनर में कहा गया था... 'हम रूसी संघ के राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।' पुतिन ने कहा कि रूस और उत्तर कोरिया व्यापार और भुगतान प्रणाली विकसित करेंगे जो पश्चिम द्वारा नियंत्रित नहीं होगा। इससे दोनों देशों को हर आयाम में लाभ होगा।
विज्ञापन




पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने भी सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उशाकोव ने उत्तर कोरिया की अपनी यात्रा पर टिप्पणी की। कहा, उनकी यात्रा का एजेंडा बहुत महत्वपूर्ण होगा। दोनों नेता एक नई रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर करने की रणनीति बना रहे हैं। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर एशिया में अधिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, नया समझौता मॉस्को और प्योंगयांग के बीच हस्ताक्षरित दस्तावेजों की जगह लेगा।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें