पांच यूरोपीय देशों ने दावा किया है कि रूसी विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी को घातक टॉक्सिन देकर जहर दिया गया था। जांच नमूनों में एपिबैटिडीन नाम का जहरीला पदार्थ मिलने की बात कही गई है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड ने इस हमले के लिए रूसी राज्य तंत्र को जिम्मेदार ठहराया है। आइए इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।
रूस के विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी की मौत को लेकर बड़ा अंतरराष्ट्रीय दावा सामने आया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड ने कहा है कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि नवलनी को घातक जहर दिया गया था।
विज्ञापन
इन देशों के विदेश मंत्रालयों ने संयुक्त बयान में कहा कि जांच नमूनों के विश्लेषण में एपिबैटिडीन नाम का जहरीला टॉक्सिन मिला है। यह जहर दक्षिण अमेरिका के जहर वाले मेंढकों में पाया जाता है और बेहद खतरनाक माना जाता है। पांचों देशों ने इस हमले के लिए सीधे रूसी राज्य तंत्र को जिम्मेदार ठहराया है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि इस तरह के हमले को अंजाम देने के लिए संसाधन, मकसद और अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करने की क्षमता सिर्फ रूसी राज्य के पास थी। यूरोपीय देशों ने कहा कि उपलब्ध वैज्ञानिक सबूत जहर दिए जाने की पुष्टि करते हैं।
विज्ञापन
नवलनी रूस के प्रमुख विपक्षी चेहरों में गिने जाते थे और लंबे समय से सरकार के आलोचक रहे थे। इस नए दावे के बाद रूस और यूरोपीय देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ने के संकेत हैं। मामले को लेकर आगे कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।