यूक्रेन में जारी जंग के बीच रूसी सेना ने बुधवार को अपने रणनीतिक मिसाइल बल के लिए अभ्यास आयोजित किया, इसके तहत देश की व्यापक परमाणु क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए साइबेरिया में मोबाइल लॉन्चर्स तैनात किए गए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा, इस अभ्यास के तहत साइबेरिया के तीन क्षेत्रों में यार्स मोबाइल मिसाइल लॉन्चर्स की गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा, इस गतिविधि में विदेशी खुफिया एजेंसी से तैनाती को छिपाने के लिए उठाए जाने वाले कदम शामिल हैं। यार्स एक परमाणु आयुध वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता करीब 11 हजार किलोमीटर है। यह मिसाइल रूस के रणनीतिक मिसाइल बल की रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। रक्षा मंत्रालय से जारी वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रक मिसाइल ले जा रहे हैं। इस अभ्यास को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव फैलने की आशंका है।
जरूरी दवाओं की सूची में शामिल हो सकती हैं मोटापारोधी दवाएं
मोटापे का मुकाबला करने वाली दवाओं को पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में सरकारी खरीद निर्णयों को निर्देशित करने के लिए होता है। दवाओं की अद्यतन सूची सितंबर में जारी होगी। इसके मद्देनजर डब्ल्यूएचओ के सलाहकारों की एक समिति अगले महीने शामिल होने वाली दवाओं के नये अनुरोधों की समीक्षा करेगा। अमेरिका के तीन डॉक्टरों और एक शोधकर्ता की ओर से मोटापे की दवाओं पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। इसमें नोवो नॉर्डिस्क की मोटापे की दवा सक्सेंडा में सक्रिय संघटक लिराग्लूटाइड शामिल है।
दुनियाभर में 65 करोड़ वयस्क मोटापे के शिकार
डब्ल्यूएचओ के एक प्रवक्ता ने कहा कि कई देशों में मोटापा एक तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है। बेशक, मोटापे के इलाज के लिए दवाएं प्रबंधन का केवल एक पहलू हैं, और रोकथाम भी महत्वपूर्ण है। डब्ल्यूएचओके अनुसार, दुनिया भर में 65 करोड़ से अधिक वयस्क मोटापे से ग्रस्त हैं।
अमेरिका ने चीन से निपटने के लिए बढ़ाया रक्षा खर्च
वाशिंगटन। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि चीन की चुनौती को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2024 के बजट में रक्षा मद का खर्च बढ़ाया गया है। अमेरिका ने बजट में रक्षा क्षेत्र पर खर्च करने के लिए 842 अरब डॉलर (69 लाख करोड़ रुपए) रखे हैं। उन्होंने कहा, चीन से निपटने के लिए अमेरिका हिंद प्रशांत क्षेत्र में सैन्य ताकत बढ़ाने और सहयोगियों के साथ ज्यादा युद्धाभ्यास करने पर फोकस करेगा।
बता दें, इस क्षेत्र के लिए अमेरिका ने रक्षा बजट में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट है। रक्षा मंत्री ने कहा, बजट की तीन प्राथमिकताएं हैं, जिनमें राष्ट्र सुरक्षा, सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल और सहयोगी देशों के साथ सहयोग बढ़ाना शामिल है। हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामकता के कारण बढ़ी चुनौती भी इसका एक बड़ा कारण है। वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडन ने एलान किया कि अमेरिका लोकतंत्र कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए 69 करोड़ डॉलर खर्च करेगा।
भारत के राजनयिक मिशन और राजनयिकों की रक्षा करेंगे : अमेरिका
वाशिंगटन। अमेरिका ने देश में राजनयिक मिशन व उनमें काम कर रहे राजनयिकों की रक्षा के लिए कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने खालिस्तान समर्थकों द्वारा भारतीय राजनयिक मिशनों पर की गई हिंसा की निंदा की। कहा, ये अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, हमारे विएना दायित्वों के अनुरूप मंत्रालय इन मिशनों और इनमें काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संघीय, राज्य एवं स्थानीय कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों के समन्वय से सभी उचित कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।