नवलनी की मौत के एक साल बाद भी रूस में विपक्ष संघर्ष कर रहा है और एक संयुक्त मोर्चा बनाने में विफल रहा है। इसके उलट विपक्षी नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं। ऐसी स्थिति में फिलहाल कोई पार्टी या नेता रूस में व्लादिमीर पुतिन की सत्ता को चुनौती देता हुआ नहीं नजर आ रहा।
रूस की जेल में रहने के दौरान एक साल पहले पुतिन के विपक्षी नेता एलेक्सेई नवलनी की मौत हो गई थी। रूस समेत पूरी दुनिया के लिए ये खबर चौंकाने वाली थी। 47 साल के नवलनी की मौत के बाद से रूस में विपक्ष अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहा है। नवलनी की मौत के एक साल बाद भी रूस में विपक्ष संघर्ष कर रहा है और एक संयुक्त मोर्चा बनाने में विफल रहा है। इसके उलट विपक्षी नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं। ऐसी स्थिति में फिलहाल कोई पार्टी या नेता रूस में व्लादिमीर पुतिन की सत्ता को चुनौती देता हुआ नहीं नजर आ रहा।
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नवलनी की मौत से पुतिन विरोधी निराश
नवलनी की मौत से रूस में पुतिन के विरोधियों को बड़ा झटका लगा है। एक पुतिन विरोधी ओलेग इवानोव ने बताया कि नवलनी का जाना एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसे भरना असंभव है। इवानोव रूस छोड़कर अब लॉस एंजिलिस में रहते हैं। इवानोव ने कहा कि एलेक्सेई नवलनी रूस की एकमात्र उम्मीद थे, जो बदलाव चाहने वाले लोगों को इकट्ठा कर सके। उन्होंने कहा कि अब रूस में ऐसा कोई नहीं बचा है, जो पुतिन का विरोध कर सके। साल 2017 में रूस में बड़े पैमाने पर हुए पुतिन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान इवानोव भी शामिल रहे थे। रविवार को नवलनी की मृत्यु की सालगिरह पर उनके समर्थक अपने नेता को श्रद्धांजलि देने उमड़ पडे। मॉस्को के बोरिसोव्स्की कब्रिस्तान में नवलनी की कब्र को फूलों और कार्डों से ढक दिया गया था।
एलेक्सेई नवलनी की 16 फरवरी 2024 को जेल में मौत हो गई थी। जेल अधिकारियों ने नवलनी की मौत के कारण प्राकृतिक बताए थे और दावा किया कि अचानक रक्तचाप बढ़ने और पुरानी बीमारियों के चलते नवलनी की जान गई। हालांकि नवलनी के समर्थक और परिजनों ने इस दावे को खारिज कर दिया है और उनका दावा है कि क्रेमलिन के आदेश पर नवलनी की हत्या की गई। 1 मार्च को मॉस्को के बोरिसोव्सकी कब्रिस्तान में नवलनी को दफनाया गया था। उस दौरान हजारों लोग उनकी कब्र पर फूल चढ़ाने आए थे।