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Russia-Ukraine war : रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन महीने पूरे, 10 तस्वीरों में देखिए अब तक क्या-क्या हुआ, कौन जीत रहा और कौन पड़ा कमजोर?

Wed, 25 May 2022 11:58 AM IST
हिमांशु मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव/मॉस्को

सार

रूस-यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुए तीन महीने पूरे हो गए। इस युद्ध में यूक्रेन के 4,200 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है। 5,500 से ज्यादा नागरिक घायल हैं। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूस के 29 हजार से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं। आगे तस्वीरों में देखिए... जंग की शुरुआत से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? 
 
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रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए तीन महीने पूरे हो चुके हैं। - फोटो : अमर उजाला
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रूस-यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुए तीन महीने पूरे हो गए। इस युद्ध में यूक्रेन के 4,200 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है। 5,500 से ज्यादा नागरिक घायल हैं। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूस के 29 हजार से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं। आगे तस्वीरों में देखिए... जंग की शुरुआत से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? 
 
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रूसी वायुसेना ने यूक्रेन के कई शहरों में हवाई हमले किए। - फोटो : अमर उजाला
जब कीव पर हवाई हमले होने लगे
23 फरवरी 2022 की रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन का एलान कर दिया। पुतिन ने अपने सैनिकों और वायुसेना के जवानों को रूस पर हमला करने का आदेश दे दिया। इसके चंद घंटे बाद यानी 24 फरवरी की तड़के सुबह अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के शहरों में हवाई हमले होने लगे। रूस के इस हमले से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। 

 
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यूक्रेन से लोग दूसरे देश जाने लगे हैं। - फोटो : अमर उजाला
मैरियूपोल, डोनेस्क पर रूस का कब्जा
रूस अब तक यूक्रेन के मैरियूपोल, डोनेस्क शहर पर कब्जा कर चुका है। इसे वापस पाने के लिए यूक्रेन ने पूरी ताकत झोंक दी। लुहांस्क में भी काफी हद तक रूसी सेना का कब्जा हो चुका है। खारकीव में भी दोनों देशों के बीच जंग जारी है। नए शहरों पर कब्जा करने के साथ-साथ रूसी सैनिक अपने इलाकों की रक्षा में जुटी यूक्रेनी सेनाओं पर तोप से गोले बरसा रहे हैं। उन पर रॉकेटों से भी हमला हो रहा है। रूस इस वक्त दो तरफ से हमला कर रहा है। उत्तर में आइजम और पश्चिम में सेवेरदोनेत्स्क से। 
 

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यूक्रेन की महिलाएं भी सेना में शामिल हो गईं हैं। - फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन की मदद को कई देशों ने बढ़ाया हाथ
रूसी हमले के विरोध में अमेरिका समेत दुनिया के कई देश यूक्रेन के साथ आ गए। अभी दुनिया के 80 से ज्यादा देशों से अलग-अलग तरह से मिल रही मदद है। इनमें 31 देश ऐसे हैं, जो यूक्रेन को घातक हथियार और मिसाइलें दे रहे हैं। 
 
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रूस का मुकाबला करने के लिए कई देश यूक्रेन की मदद कर रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
रूस और यूक्रेन में कौन कितना ताकतवर? 
आंकड़ों पर नजर डालें तो डिफेंस के क्षेत्र में रूस दुनिया का दूसरा सबसे मजबूत देश है। रूस से आगे सिर्फ अमेरिका है। वहीं, यूक्रेन 22वें स्थान पर है। रूस के पास नौ लाख से ज्यादा एक्टिव जवान हैं, जबकि 20 लाख जवान रिजर्व हैं। यूक्रेन के पास दो लाख एक्टिव और नौ लाख रिजर्व जवान हैं। 
 
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यूक्रेन के बूचा शहर में रूस पर नरसंहार करने का आरोप लगा है। - फोटो : अमर उजाला
कौन-कौन से देश कर रहे यूक्रेन की मदद? 
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक अमेरिका ने यूक्रेन को 400 मिलियन यूएस डॉलर के हथियार दिए हैं। इसके अलावा यूरोपियन यूनियन की तरफ से 550 मिलियन यूएस डॉलर की लीथल एड दी गई है। ब्रिटेन, फ्रांस, नीदरलैंड, जर्मनी, समेत कई देश यूक्रेन को हथियार सप्लाई कर रहे हैं। 

'द कनवरसेशन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पांच करोड़ से ज्यादा गोले-बारूद यूक्रेन को दिए हैं। इसमें राइफल्स, तोप, हैंडगन शामिल हैं। इनके अलावा कनाडा, ग्रीस, लिथुआनिया, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवेनिया जैसे देशों से भी इस तरह के हथियार यूक्रेन को मिल रहे हैं। 

 
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रूसी सैनिकों पर यूक्रेन की महिलाओं के साथ रेप करने का भी आरोप लगा है। - फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन को आधुनिक हथियार मिल रहे कई देश
यूक्रेन को दूसरे देशों से मिलने वाले हथियार इतने आधुनिक और सरल है कि इसे कोई भी आम आदमी बिना ट्रेनिंग के चला सकता है। यही कारण है कि इसका प्रयोग यूक्रेन के आम नागरिक भी अपने देश की सुरक्षा के लिए कर पा रहे हैं। अमेरिका ने यूक्रेन को सात हजार से ज्यादा जेवलिन मिसाइल दी है।

ये ऐसी मिसाइलें हैं, जो पलक झपकते ही रूस के टैंक, एयरक्राफ्ट को तबाह कर देती हैं। 30 मिनट की ट्रेनिंग में इसे असानी से चलाया जा सकता है। ये ऐसी मिसाइल है, जिसे एक बार दागने के बाद फिर उसे रास्ता दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती। मिसाइल आसानी से अपने टारगेट तक पहुंच सकती है। इसी तरह कई अन्य देश स्टींगर मिसाइल भी यूक्रेन को दे रहे हैं। ये मिसाइल भी टैंक और एयरक्राफ्ट को आसानी से टारगेट कर सकती है। 
 

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रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को बर्बाद कर दिया। - फोटो : अमर उजाला
जर्मनी, स्लोवाकिया ने दिए टैंक
अमेरिका की तरह ही जर्मनी भी खुलकर रूस की मदद कर रहा है। जर्मनी में तैयार गीपर्ड एयर डिफेंस टैंक भी यूक्रेन को मिले हैं। ये तेज चलने वाला टैंक है, जिसकी मदद से जमीन से ही आसमान में उड़ने वाले दुश्मन के एयरक्राफ्ट को तबाह किया जा सकता है। हवा में लंबी दूरी के एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने के लिए एस-300 मिसाइल भी यूक्रेन के पास है। इसे सोवियत संघ ने तैयार किया था, लेकिन अब स्लोवेनिया और स्लोवाकिया में बनते हैं। स्लोवाकिया ने ही यूक्रेन को ये मिसाइल दी है। इसकी रेंज 125 माइल्स है। 
 

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यूक्रेन के लोगों के हाथ बांधने के बाद रूसी सैनिकों ने गोली मार दी। - फोटो : अमर उजाला
75 लाख लोगों ने यूक्रेन छोड़ा
रूस से चल रहे युद्ध के बीच 75 लाख से ज्यादा लोग यूक्रेन छोड़ने को मजबूर हो गए। करीब 43 लाख से ज्यादा लोगों ने पड़ोसी देश पोलैंड में शरण ली है। इसके अलावा 9.43 लाख लोग रोमानिया, 6.26 लाख लोग अपना देश छोड़कर हंग्री में रहने को मजबूर हैं।

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यूक्रेन के कई शहरों में अब सिर्फ लाशें ही लाशें दिखती हैं। - फोटो : अमर उजाला
युद्ध कब तक खत्म होगा? 
इस सवाल पर प्रो. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'इस वक्त दोनों देश पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। रूस किसी भी हालत में कमजोर दिखना नहीं चाहता है। इसलिए वह तब तक युद्ध नहीं रोकेगा जब तक यूक्रेन के सभी शहरों पर उसका कब्जा न हो जाए। पुतिन यूक्रेन के सभी शहरों पर कब्जा करके सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की युद्ध तो रोकना चाहते हैं, लेकिन वह कमजोर नहीं दिखाई देना चाहते हैं। इसलिए वह भी पीछे हटने का नाम नहीं लेंगे।'

प्रो. श्रीवास्तव के मुताबिक, इस युद्ध में पश्चिमी देशों की भूमिका भी ज्यादा सही नहीं है। अगर वह यूक्रेन को सिर्फ हथियार व युद्ध सामग्री देने की बजाय रूस से बातचीत का रास्ता तलाशें तो ये युद्ध रोका जा सकता है। हालांकि, ऐसा करके कोई देश अपनी अहमियत कम नहीं होने देना चाहता है। इसलिए यह अभी कहना मुश्किल होगा कि ये युद्ध कब तक चलेगा?  
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