यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर मालवाहक जहाज पर हुए हमले के समय चार भारतीय नागरिक सवार थे। भारतीय दूतावास के अनुसार, दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य के बारे में जानकारी का इंतजार है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
यूक्रेन के प्रमुख बंदरगाह ओडेसा पर एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां एमवी एजीएन रैगनार नाम के एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय नागरिक सवार थे। भारतीय दूतावास के अनुसार, इनमें से दो लोग सुरक्षित हैं, जबकि बाकी दो के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
ओडेसा बंदरगाह पर पहले भी हुए हमले
यह घटना शनिवार (25 जुलाई) को हुई, जब यह जहाज ओडेसा पोर्ट पर मौजूद था। ओडेसा यूक्रेन का अहम काला सागर बंदरगाह है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से कई बार हमलों का निशाना बन चुका है।
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कीव में भारतीय दूतावास ने घटना पर बनाई नजर
भारत के कीव स्थित दूतावास ने बताया कि वह इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। दूतावास ने कहा कि राहत और बचाव अभियान जारी है और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहकर लापता भारतीयों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया और जहाज पर कुल कितने लोग सवार थे। जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की पहचान और उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी सामने नहीं आई है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही अक्सर प्रभावित होती रही है। इसी वजह से भारत सरकार पहले भी अपने नागरिकों को यूक्रेन यात्रा से बचने की सलाह दे चुकी है। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल उन दो भारतीयों की सुरक्षा को लेकर है, जिनकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। बचाव अभियान जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही उनके बारे में अपडेट सामने आएगा।