रूस के हमले के जवाब में यूक्रेन के कड़े प्रतिरोध के बाद अब सवाल उठने लगा है कि अगर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह जंग फतह कर भी ली तो क्या वह अपने पड़ोसी पर पूरी तरह शासन कर पाएंगे। इस पर जानकारों का जवाब है कि सफल होकर भी पुतिन वह सब हासिल नहीं कर पाएंगे, जो वह चाहते हैं, क्योंकि संबंधित देश की जनता की इच्छा के विरुद्ध उसे कभी 'जीता' नहीं जा सकता।
कनाडा की न्यूफाउंडलैंड मेमोरियल यूनिवर्सिटी के डॉ एंटोन ओलेनिक के मुताबिक, कोई देश कितनी अच्छी तरह शासित होता है, यह उसकी संस्कृति पर निर्भर करता है। विशेषज्ञ यूक्रेनियन और रूसी सत्ता को अलग-अलग मानते हैं। शिक्षित और संपन्न यूक्रेनी सत्ता के वितरण में असमानता के प्रति विशेष रूप से कम सहनशीलता रखते हैं। यूक्रेन में पुतिन का संभावित शासन इसलिए समस्याग्रस्त है क्योंकि निरंकुश सत्ता पर अस्वीकृति यूक्रेनी संस्कृति में गहरे पैठी हुई है।