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Russia Ukraine War Update: प्रतिबंधों से रूस में बढ़ी मुसीबत, लेकिन यूरोप भी पड़ रही है मार

Thu, 03 Mar 2022 03:12 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

यूरोपीय राजधानियों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का वहां भी खराब असर पड़ रहा है। बुधवार को अर्थव्यवस्था के लिए यूरोपीय आयुक्त पाओलो जेनतिलोनी ने ब्रसेल्स में कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों से यूरोप में ऊर्जा की सप्लाई में दिक्कत आ सकती है। उससे यूरोप की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो जाएगी...
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रूसी केंद्रीय बैंक - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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अब रूसी कंपनियों और व्यक्तियों के पास अपने कर्ज को सिर्फ रुबल में ही चुकाने का विकल्प बचा है। ये बात रूस के सेंट्रल बैंक ने अपने एक आदेश में कही है। यह यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का नतीजा है।

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इस बीच बुधवार को ये खबर आई कि रूस के सेंट्रल बैंक ने वित्तीय संस्थानों को देश से बाहर उन लोगों को धन भेजने से रोक दिया है, जो रूस के नागरिक नहीं हैं। ये रोक उन देशों के सिलसिले में सख्ती से लागू की जाएगी, जिन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंट्रल बैंक ने इस रोक के बारे में पत्र एक मार्च को ही जारी कर दिया था। उसके मुताबिक ये रोक एक मार्च से 31 मार्च तक के लिए है। इससे 43 देशों के निवासी प्रभावित होंगे।

यूरोप की आर्थिक वृद्धि होगी प्रभावित

पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए रूस में लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, ब्रिटेन और कई अन्य देशों ने यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर कई तरह के वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं। उनके बीच एक बड़ा फैसला कई रूसी बैंकों को अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के नेटवर्क स्विफ्ट से बाहर करने का भी है। इसी सिलसिले में रूस के सेंट्रल बैंक ने एक आदेश में यह कहा है कि अब रूसी कंपनियां अनिवासी व्यक्तियों को लाभांश नहीं दे सकेंगी।

इस बीच यूरोपीय राजधानियों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का वहां भी खराब असर पड़ रहा है। बुधवार को अर्थव्यवस्था के लिए यूरोपीय आयुक्त पाओलो जेनतिलोनी ने ब्रसेल्स में कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों से यूरोप में ऊर्जा की सप्लाई में दिक्कत आ सकती है। उससे यूरोप की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो जाएगी। एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खास समस्या रूसी प्राकृतिक गैस की सप्लाई को लेकर आ सकती है। इसलिए अब यूरोप को उसके परिणामों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।

बाजारों पर पड़ सकता है असर

जेंतिलोनी ने कहा- ‘यूक्रेन पर रूसी हमले का आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। उसके दुष्परिणाम वित्तीय बाजारों पर भी पड़ सकते हैं। इस वजह से ऊर्जा की कीमत में और बढ़ोतरी हो सकती है। सप्लाई चेन की रुकावटें और बढ़ सकती हैं। उसका असर आत्म-विश्वास पर पड़ेगा, जिसकी अनदेखी हमें नहीं करनी चाहिए।’

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जेंतिलोनी का ये बयान यूरोपियन यूनियन के सांख्यिकी कार्यालय यूरोस्टैट की तरफ से ताजा आंकड़े जारी करने के बाद आया। उन आंकड़ों में बताया गया कि ईयू में मुद्रास्फीति फरवरी में 5.8 फीसदी तक पहुंच गई, जो एक रिकॉर्ड है। उसके पहले यूरोपीय आयोग ने एक बयान जारी कर ईयू के सदस्य देशों पर प्रतिबंधों के संभावित नकारात्मक प्रभाव का विवरण दिया। उसमें ध्यान दिलाया गया कि ईयू क्षेत्र की प्राकृतिक गैस की 40 फीसदी जरूरत रूस पूरी करता है। हालांकि कच्चे तेल और गैस को अभी प्रतिबंधों के दायरे में नहीं लाया गया है, लेकिन आगे ऐसा होने की संभावना बनी हुई है।

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