संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस के दौरे के बीच रूस ने गुरुवार को कीव समेत यूक्रेन के एक बड़े हिस्से पर बमबारी की। बचाव कर्मियों ने कहा कि कीव पर हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि दो इमारतें ध्वस्त होने के बाद कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की संयुक्त प्रेस वार्ता के एक घंटे बाद ही यह हमला किया गया। इस हमले से गुटेरस और उनकी टीम हैरान हो गई।
एक प्रवक्ता ने बताया कि गुटेरस और उनका दल सुरक्षित है। इस बीच देशभर से धमाके की खबरें सामने आईं। पोलिन, चेर्निहिव और फास्तिव में भी बमबारी हुई। दक्षिणी यूक्रेन में ओडेसा के महापौर ने कहा कि वायु रक्षा प्रणाली ने रॉकेट के हमलों को नाकाम कर दिया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस ने युद्ध अपराध के आरोपों की जांच का किया समर्थन
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया कि 21वीं शताब्दी में युद्ध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने युद्ध अपराधों के आरोपों की अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) से गंभीर जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग का समर्थन किया।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने रूस से विश्व निकाय के साथ ‘‘सहयोग को स्वीकार" करने की अपील की। गुटेरस यूक्रेन आने से पहले मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। यूक्रेन में उन्होंने कीव के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया जो रूसी आक्रमण से तबाह हो गए हैं।
चर्च और सेंट एंड्रूयू में जिसे पहले ऑल सेंट इन बुचा कहा जाता था में गुटेरस ने कहा कि जब ‘‘हम इस खौफनाक स्थान को देखते हैं, तो यह मुझे महसूस कराता है कि इसकी गंभीर जांच और जिम्मेदारी तय करना कितना अहम है। मुझे खुशी है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत ने स्थिति को समझा है और अभियोजन कार्यालय पहले से यहां मौजूद है। मैं पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत का समर्थन करता हूं और रूसी संघ से अपील करता हूं कि वह आईसीसी से सहयोग को स्वीकार करे लेकिन जब हम युद्ध अपराध की बात करते हैं तो हमें नहीं भूलना चाहिए कि युद्ध अपने आप में सबसे खराब होता है।’’
बोरोदयंका शहर में गुटेरस ने कहा कि जब वह क्षतिग्रस्त हो चुकी इमारतों को देखते हैं तो कल्पना करते हैं कि उनमें से उनके ही परिवार का घर नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देखता हूं कि मेरी पोती भय से भाग रही है और परिवार अंतत: मारा गया है। इसलिए 21वीं सदी में युद्ध निरर्थक है। युद्ध बुराई है। और जब कोई यह स्थिति देखता है तो हमारा दिल निश्चित तौर पर पीड़ितों के साथ होता है। हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ होती हैं और हमारी भावनाएं होती है कि 21वीं सदी में किसी भी स्थिति में युद्ध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। ’’
यूक्रेन में दखल पर पुतिन ने फिर से दी परमाणु हमले की धमकी
जर्मनी में अमेरिका समेत 40 देशों के प्रतिनिधियों की बैठक में रूस की एटमी धमकी के बावजूद यूक्रेन को हथियार देने की घोषणा के बाद रूस ने एक बार फिर अपनी धमकी दोहराई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के 64वें दिन रूस ने चेताया कि वह यूक्रेन की मदद करने के लिए ब्रिटेन में सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कहा कि यदि पश्चिम ने यूक्रेन में दखल दिया तो एटमी हमले असंभव नहीं।
डेलीमेल की खबर के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा है कि यूक्रेन को हथियार देने वाले नाटो देशों पर भी रूस हमले कर सकता है। साथ ही उकसावे वाले बयान के बाद वह यूक्रेन लौटने वाले ब्रिटिश राजनयिकों को भी लक्षित कर सकता है। ब्रिटेन के कीव में फिर दूतावास खोलने की घोषणा पर रूसी प्रवक्ता ने चेताया कि सैन्य आपूर्ति को बाधित करने के लिए रूस उन नाटो देशों के क्षेत्र में सैन्य ठिकानों पर भी हमले कर सकता है जो कीव को हथियार दे रहे हैं। जाखारोवा ने कहा, इन्हीं के चलते यूक्रेन में मौतें और खून-खराबा हो रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने भी अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल ‘सरमट’ की तरफ इशारा करते हुए पश्चिमी देशों को एटमी हमले की चेतावनी का जिक्र किया।
हम शेखी नहीं बघार रहे, लेकिन हथियारों का इस्तेमाल करेंगे : पुतिन
सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी सांसदों को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, हमारे पास हमले से जुड़े ऐसे घातक हथियार हैं जिन पर कोई और देश घमंड नहीं कर सकता है। उनका इशारा ‘सरमत’ मिसाइल की तरफ था। वह बोले, हम उनके बारे में शेखी नहीं बघारना चाहते, लेकिन हम उनका इस्तेमाल करेंगे। रूसी सेना अपने मकसद को जरूर पूरा करेगी।
मैरियूपोल से यूक्रेनी सैनिक बोले- जब तक जरूरी है लड़ेंगे
मैरियूपोल में एक स्टील संयंत्र में छिपे यूक्रेनी सैनिक ने कहा है कि उसकी सेनाएं जब तक जरूरी है तब तक लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने विश्व नेताओं से रूसी मध्ययुगीन घेराबंदी में फंसे सैकड़ों सैनिकों को बचाने का तरीका खोजने का आग्रह भी किया। यूक्रेन के आजोव रेजिमेंट के डिप्टी कमांडर कैप्टन सियावातोस्लाव पालमर (39) ने एक इंटरव्यू में कहा, हम जब तक यहां हैं मोर्चा संभाल रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा, यह शहर अब उनका नहीं रहा।
खेरसान में धमाके, रूसी चैनलों का प्रसारण रुका
यू्क्रेन के दक्षिणी खेरसान शहर में देर रात टेलीविजन टावर के पास कई धमाके हुए और इससे रूसी चैनलों पर प्रसारण अस्थायी तौर पर रुक गया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि यूक्रेनी सेना ने शहर पर मिसाइलें और रॉकेट दागे हैं। यहां रूसी सेना ने युद्ध के प्रारंभ में ही कब्जा जमा लिया था।
भारत ने यूएन में दोहराया, युद्ध को तत्काल खत्म करें
संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि आर. रवींद्र ने रूस द्वारा की जा रही सैन्य कार्रवाई को तत्काल खत्म करने के लिए भारत की अपील को दोहराया है। उन्होंने यूक्रेन पर सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, किसी भी समस्या का हल खून बहाकर या मासूमों की जान की कीमत पर नहीं निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा, भारत ने शुरु से ही कूटनीति और बातचीत की जरूरत पर जोर दिया है। कहा, यूक्रेन को लेकर साथ काम करने की जरूरत है।
कनाडा के सांसदों ने रूसी हमलों को बताया ‘नरसंहार’
कनाडाई सांसदों ने यूक्रेन पर रूसी हमलों को ‘नरसंहार’ बताने के लिए सर्वसम्मति से वोटिंग की। सांसदों ने कहा, मॉस्को द्वारा मानवता के विरुद्ध बड़े पैमाने पर युद्ध अपराधों के पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं। कैनेडियन हाउस ऑफ कॉमन्स के प्रस्ताव में कहा गया कि रूस द्वारा युद्ध अपराधों में बड़े पैमाने पर अत्याचार, यूक्रेनी नागरिकों की जानबूझकर हत्या के व्यवस्थित उदाहरण मिले हैं। इनमें लाशों से गलत बर्ताव व यूक्रेनी बच्चों से अपराध शामिल हैं।