रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन अब एक अजीब योजना पर विचार कर रहा है। वजह भी चौंकाने वाली है। प्रस्ताव के मुताबिक, अपत्तिजनक वीडियो वाली इंडस्ट्री को कानूनी अर्थव्यवस्था में लाकर करीब 25 मिलियन डॉलर का टैक्स जुटाया जा सकता है। दावा है कि इतनी रकम से काफी हथियार खरीदे जा सकते हैं। लेकिन सवाल है कि जो काम अभी अपराध है, उसे कानूनी बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? जेलेंस्की सरकार इसके जरिए युद्ध के लिए पैसा कैसे जुटाना चाहती है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
रूस-यूक्रेन जंग के बीच यूक्रेन युद्ध के लिए पैसा जुटाने का एक ऐसा रास्ता तलाश रहा है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। वर्ल्ड स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक यूक्रेन में गंदे वीडीयो दिखाने वाली वेबसाइट्स को कानूनी रूप से मंजूरी देने का प्रस्ताव संसद में पहुंच चुका है। इसका मकसद सिर्फ वयस्क मनोरंजन उद्योग को मान्यता देना नहीं, बल्कि उससे टैक्स वसूलकर सरकारी खजाना बढ़ाना भी है। प्रस्ताव के समर्थक सांसद यारोस्लाव जेलेजन्याक का अनुमान है कि इससे करीब 25 मिलियन डॉलर का टैक्स मिल सकता है। उनके मुताबिक यह रकम युद्ध के लिए 30 हजार तक ड्रोन खरीदने में मदद कर सकती है।
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इस तरह के आपत्तिजनक सामग्री देखना करीब 44 देशों में अपराध है। यूक्रेन में अभी अपराध माना जाता है। यहां इसके लिए सात साल तक की जेल हो सकती है। इसके बावजूद यह उद्योग देश में चलता रहा है। अब सरकार के सामने एक अजीब स्थिति खड़ी हो गई है। रूस से युद्ध करने में जमकर पैसा खर्च हो रहा है। ऐसे में ज्यादा पैसे को और जुटाने के लिए यूक्रेन वयस्क सामग्री बनाने वाले लोगों से टैक्स वसूलने की योजना बना रहा है।
जेलेजन्याक यूक्रेनी संसद की वित्त समिति के प्रमुख हैं। उनका मानना है कि अगर वयस्क मनोरंजन उद्योग को कानूनी मान्यता मिलती है तो उससे मिलने वाला टैक्स करीब 25 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
युद्ध के दौरान ड्रोन यूक्रेन के लिए अहम हथियार बने हुए हैं। इसी वजह से प्रस्ताव के समर्थक इस रकम को युद्ध की जरूरत से जोड़ रहे हैं। उनका अनुमान है कि इससे करीब 30 हजार ड्रोन की खरीद के लिए पैसा उपलब्ध हो सकता है।
यूक्रेन में यह उद्योग कितना बड़ा है?
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में यूक्रेन के करीब 7900 लोगों ने ओनलीफैंस के जरिए 131 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाए थे। रूस के पूर्ण पैमाने वाले हमले से पहले यूक्रेन में इस उद्योग पर अधिकारियों की निगरानी काफी ढीली रहने की बात भी सामने आई है। इसी दौरान सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। हाल में अभियोजक कार्यालय ने तीन क्षेत्रों में ऐसे मामले पकड़े, जिनमें अधिकारियों पर 20 हजार डॉलर तक की रिश्वत लेने के आरोप थे।
ऐसे वीडियो बनाने वालों पर पुलिस कार्रवाई का क्या मामला है?
ओनलीफैंस क्रिएटर स्वितलाना द्वोर्निकोवा ने बताया कि पुलिस ने एक सुबह उनके घर पर छापा मारा। उस समय वह अपनी बेटी को स्कूल के लिए तैयार कर रही थीं। पुलिस ने 20 हजार डॉलर नकद, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जब्त किए। उनके मुताबिक अधिकारियों के पास वेबकैम मॉडल्स की सूची और उनके पते तक मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला खत्म करने के लिए उनसे रिश्वत देने की पेशकश भी की गई, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। एक अन्य महिला ने भी घर की तलाशी और अदालत में बुलाए जाने की बात बताई।
द्वोर्निकोवा ने जेलेंस्की तक मामला कैसे पहुंचाया?
द्वोर्निकोवा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने यूक्रेन सरकार को याचिका दी। यह याचिका राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की वेबसाइट पर प्रकाशित हुई। उन्होंने खुद को ईमानदारी से टैक्स देने वाली नागरिक बताते हुए कहा कि करीब 900 हजार डॉलर टैक्स देने के बाद भी उन्हें अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी याचिका को एक सप्ताह में 25 हजार से ज्यादा लोगों का समर्थन मिला। इसके बाद जेलेंस्की ने कहा कि संसद जेलेजन्याक के गंदे वाली वीडियो को कानूनी बनाने वाले प्रस्ताव पर विचार करेगी।