Russia-Ukraine War- electronic warfare
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इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में यूक्रेन पर रूस (Russia-Ukraine War) के भारी पड़ने के संकेत हैं। समझा जाता है कि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध का सहारा लेकर यूक्रेन के ड्रोन और संभवतया तोपखानों को भी बेअसर कर देने में रूस ने सफल हो रहा है। रूस की इस कामयाबी को अब पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञ भी स्वीकार करने लगे हैं।
कुछ रोज पहले अमेरिकी पत्रिका फॉर्ब्स में रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (आरयूएसआई) की रिपोर्ट के हवाले से एक खबर छपी। इसमें कहा गया कि रूस ने अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (ईडब्ल्यू) की क्षमता से यूक्रेन के ज्यादातर ड्रोंस को बेअसर कर दिया है। आरयूएसआई की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन को इस वर्ष फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद हजारों ड्रोन उसके सहयोगी देशों ने दिए। लेकिन अब तक उनमें से लगभग 90 फीसदी ड्रोन या तो रूस ने मार गिराए हैं या वे खुद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इसी रिपोर्ट के मुताबिक अब यूक्रेन ने अमेरिका और नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) से नए ड्रोन की मांग की है।
फॉर्ब्स में छपी रिपोर्ट के लेखक डेविड ऐक्स हैं। उन्होंने लिखा है कि रूसी ईडब्ल्यू ने खुफिया क्षेत्र में यूक्रेन की बढ़त को खत्म कर दिया है। अपनी खुफिया क्षमता के जरिए ही यूक्रेन युद्ध के आरंभिक दिनों में अपने तोपखानों के जरिए रूस को भारी नुकसान पहुंचाने में सफल रहा था। इसके पहले बीते मई में भी फॉर्ब्स ने इस बारे में एक रिपोर्ट छापी थी। उसके लेखक डेविड हैम्बलिंग थे। उन्होंने तोप हमलों से यूक्रेन को मिली सफलताओं का विस्तार से जिक्र किया था। उस रिपोर्ट में बताया गया था कि अपनी उन क्षमताओं के कारण ही यूक्रेन अपनी राजधानी कीव पर रूसी हमले को नाकाम कर पाया था।
अमेरिकी जर्नल इनसाइडर में इस महीने रक्षा विशेषज्ञ माइकल पेक का एक लेख छपा। उसमें भी इस बात का जिक्र था कि फरवरी और मार्च में यूक्रेन के तोपखानों ने अंधाधुंध गोलाबारी की, जिससे कीव पर रूसी हमला नाकाम हो गया। लेकिन अब फॉर्ब्स की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि ईडब्ल्यू का इस्तेमाल कर रूस ने यूक्रेन के ड्रोंस को नाकाम कर दिया है, जिससे यूक्रेन की सेना को रूसी सेना की तैनाती के बारे में खुफिया जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस वजह से यूक्रेन अपने तोपखानों का प्रभावी इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। इस लेख में आशंका जताई गई है कि जल्द ही यूक्रेन के तोपखानों की बैटरियां भी चूक सकती हैं, जिससे उसकी युद्ध क्षमता प्रभावित होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस ने हाल के महीनों में अपनी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की क्षमता काफी बढ़ाई है। इसका अहसास सबसे पहले यूक्रेन के लड़ाकू विमानों के पायलटों को हुआ। ईडब्ल्यू के इस्तेमाल से रूस ने संचार जाम कर दिया, जिससे यूक्रेन के लड़ाकू विमानों का वायु से वायु और वायु से जमीन से संपर्क और संवाद बनाए रखना मुश्किल हो गया।
वेबसाइट एशिया टाइम्स में कुछ समय पहले एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ने यूक्रेन युद्ध की दिशा बदल दी है। इससे शुरुआती दिनों में यूक्रेन को मिली सफलता अब बीते दिनों की बात हो गई है।