Russia-Ukraine War: व्लादिमीर पुतिन
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन में सैनिकों की ‘आंशिक लामबंदी’ का एलान करने के बाद से पश्चिमी देशों में परमाणु युद्ध की आशंका गहरा गई है। बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पुतिन ने दो टूक कहा था कि अगर रूस की प्रादेशिक अखंडता के लिए खतरा पैदा किया गया, तो रूस जवाबी कार्रवाई में अपने पास मौजूद सभी संसाधनों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी इस बात को ‘कोरी धमकी’ नहीं समझा जाना चाहिए। पश्चिमी देशों में ये आम राय है कि अपने इस बयान से पुतिन ने परमाणु युद्ध की धमकी है।
यूनाइटेड नेशंस इंस्टीट्यूट फॉर डिसआर्मामेंट रिसर्च में वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता आंद्रे बाकलित्स्की ने कहा है कि पुतिन का यह बयान रूस के परमाणु सिद्धांत (न्यूक्लीयर डॉक्ट्राइन) से आगे जाता है। इस सिद्धांत में साफ कहा गया है कि रूसी राज्य के लिए खतरा पैदा होने पर रूस पहले परंपरागत युद्ध का सहारा लेगा। बाकलित्स्की ने कहा कि अब पुतिन ने प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का संकेत दिया है। उन्होंने पूछा- अगर यूक्रेन अपने इलाकों को रूसी सेना के कब्जे से छीनने में सफल रहा, तो क्या पुतिन जवाब में परमाणु हथियार दागेंगे? रूस इन इलाकों को खुद में मिला लेने की तैयारी में है।
पुतिन की ताजा घोषणा के बावजूद यूक्रेन अपने उन इलाकों को छुड़ाने की नीति पर कायम है, जिन पर रूस ने कब्जा जमा लिया है। जबकि रूस इन इलाकों को अपने में मिलाने के सवाल पर वहां 23 से 27 सितंबर तक जनमत संग्रह कराने जा रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीर जेलेन्स्की ने बुधवार को कहा कि जनमत संग्रह के आयोजन से अपने इलाकों को मुक्त कराने के यूक्रेन के इरादे पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बाकलित्स्की ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से बातचीत में कहा है कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात उस व्यक्ति ने कही है, जिसके पास इस बारे में फैसला लेने का हक है। इसलिए इसे हलके से नहीं लिया जा सकता। रूसी राजनीति के विशेषज्ञ मार्क गेलियोती ने भी कहा है कि पुतिन का परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देना अभूतपूर्व है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सचमुच पुतिन इस हद तक जाने को तैयार हैं, जिसका अर्थ परमाणु युद्ध छिड़ना होगा।
कुछ विशेषज्ञों ने कहा है कि ये धमकी शायद पश्चिमी देशों और यूक्रेन को रूसी शर्तों को स्वीकार करने पर राजी करने के लिए दी गई है। जेलेन्स्की ने भी कहा है कि पुतिन सचमुच परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेंगे, यह उन्हें नहीं लगता। जर्मनी के अखबार बिल्ड को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- मुझे नहीं लगता कि दुनिया पुतिन को परमाणु हथियार चलाने की इजाजत देगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ‘पुतिन के दिमाग में क्या चल रहा है, यह किसी को नहीं मालूम है।’
विश्लेषकों ने इस ओर ध्यान खींचा है कि अब पुतिन ने जितने सैनिकों की लामबंदी का फैसला किया है, वैसा रूस ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद कभी नहीं किया। रूस ने तीन लाख फौजी तैनात करने का एलान किया है। इस बीच रूस में रहने वाले विदेशियों के अपने देश लौटने की कतार लग गई है। बुधवार को मास्को से इस्तांबुल, येरेवान, ताशकंद और बाकू जाने वाली विमानों के सारी टिकट तुरंत बुक हो गए। टिकटों के दाम में तेजी से बढ़ोतरी भी हुई है।