Russia Ukraine War: व्लादिमीर पुतिन
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अमेरिकी टीकाकारों में यह आम राय उभरी है कि यूक्रेन के चार इलाकों को रूस में मिला लेने के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैसले के बाद अब वहां जारी युद्ध का शांतिपूर्ण हल निकलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है। अमेरिकी मीडिया ने इसे रूसी राष्ट्रपति का ‘भड़काऊ’ कदम बताया है। पुतिन ने शुक्रवार को यूक्रेन के दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जेपोरिझजिया क्षेत्रों को रूस में मिलाने के आदेश पर दस्तखत किए थे। इसके पहले रूसी बहुल इन इलाकों में कराए गए जनमत संग्रह में 99 फीसदी से ज्यादा लोगों ने रूस में मिलने के पक्ष में राय जताई थी। पश्चिमी मीडिया ने इस जनमत संग्रह को ‘फर्जी’ बताया है।
इस कदम के बाद पुतिन ने यूक्रेन से कहा कि वह बातचीत के लिए आगे आए। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि इन चार क्षेत्रों का रूस में विलय अंतिम है और उन इलाकों की रक्षा के लिए अब रूस किसी भी साधन का इस्तेमाल करेगा। पुतिन ने यह दावा भी किया कि ये इलाके एतिहासिक रूप से रूस का हिस्से रहे हैं।
अमेरिकी विश्लेषकों के मुताबिक खेरसन के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में यूक्रेन की सेना ने आक्रमण तेज कर रखा है। इसके पहले वह खारकीव इलाके को रूस से छीन चुकी है। इससे बने हालात के कारण ही पुतिन ने इस मौके पर इन इलाकों को मिलाने का कदम तुरंत उठाने के लिए मजबूर हुए। लेकिन पश्चिमी देशों ने उनके इस कदम को सिरे से ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा है कि इस कदम के बाद पुतिन अब दुनिया से कहेंगे कि वे बचाव में युद्ध लड़ रहे हैं। इन इलाकों में होने वाली लड़ाई को वे रूस की जमीन पर हो रही लड़ाई बताएंगे। इस तरह उन्होंने ‘परमाणु ब्लैकमेल’ का आधार तैयार किया है।
अमेरिकी थिंक टैंक कारनेगी सेंटर से जुड़े विशेषज्ञ एलेक्जेंडर गाबुएव ने कहा है- उन इलाकों के विलय का कदम उठा कर पुतिन ने यह निराधार उम्मीद जोड़ी है कि इससे वे परमाणु हथियारों की धमकी देंगे और अमेरिका पर इस बात का दबाव बनाने में सफल हो जाएंगे कि वह यूक्रेन को पीछे हटने पर राजी करे। लेकिन यूक्रेन के इतने बड़े इलाके पर कब्जा जमा कर उन्होंने युद्ध में दांव भी बढ़ा दिया है।
गाबुएव ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से बातचीत में कहा- ‘पुतिन ने इस युद्ध को अपने अस्तित्व से जोड़ दिया है। वे रूस के लिए इसे अपनी विरासत बनाना चाहते हैं। इसलिए वे पीछे हटेंगे, यह सोचने का तो कोई आधार नहीं है। लेकिन अब उन्होंने अपने सामने कोई कूटनीतिक रास्ता भी नहीं छोड़ा है।’
यूक्रेन युद्ध में झोंकने के लिए रूस तीन लाख लोगों को लामबंद करने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया में हुई गलतियों को पुतिन ने शुक्रवार को दिए अपने भाषण में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि युद्ध के लिए बुलाए गए हर उस व्यक्ति को वापस घर भेज दिया जाएगा, जो कसौटियों पर खरा नहीं उतरता। अमेरिकी मीडिया में छपी रिपोर्टों के मुताबिक लामबंदी की यह योजना रूस में बेहद अलोकप्रिय हैं। स्वतंत्र संस्था लेवाडा सेंटर के एक जनमत सर्वे में 70 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें इस योजना को लेकर भय महसूस हुआ है।