रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन ने 28 बिंदुओं वाला एक संशोधित शांति प्रस्ताव साझा किया है, जिसे कीव और यूरोपीय देशों की आपत्तियों के बाद बदला गया था, क्योंकि शुरुआती मसौदे को मॉस्को की शर्तों के प्रति काफी नरम माना गया था।
गौरतलब है कि चर्चा से कुछ घंटे पहले ही पुतिन ने एक निवेश मंच से अपने संबोधन के दौरान कहा था कि अगर यूरोपीय देश टकराव का रास्ता चुनते हैं, तो रूस सैन्य मुकाबले के लिए तैयार है। पुतिन ने कहा हम यूरोप से युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर वे शुरू करेंगे, तो हम तैयार हैं। यूरोपीय नेता बातचीत को प्राथमिकता नहीं दे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश अमेरिका और ट्रंप द्वारा सुझाए गए शांति प्रयासों में अड़चन पैदा कर रहे हैं।
अमेरिका और यूक्रेन की बातचीत भी जारी
इधर, इसी समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदमिर जेलेंस्की आयरलैंड पहुंचे, जहां उन्होंने यूरोपीय नेताओं से समर्थन को मजबूत करने की कोशिश की। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और रूस की बातचीत के बाद मिलने वाले संकेत आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन हर दिन जानें गंवा रहा है, इसलिए अब ठोस नतीजों की जरूरत है, केवल बातों से काम नहीं चलेगा। उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कीव की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद प्रमुख रुस्तेम उमेरोव के साथ बैठक की। रुबियो ने चर्चा को उपयोगी लेकिन जटिल बताया।
अन्य वीडियो