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रूस-यूक्रेन संघर्ष: 300 से ज्यादा बड़ी कंपनियों ने रूस से समेटा कारोबार, ब्रिटेन ने रूसी अरबपतियों के लिए बंद की वायुसीमा

Thu, 10 Mar 2022 06:02 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन।

सार

Russia Ukraine War Impact: दोनों देशों के बीच युद्ध और उसके बाद लगे प्रतिबंधों से पूरे विश्व में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इस वजह से खाद्य पदार्थों और ऊर्जा क्षेत्र में दाम बढ़ने के साथ ही एल्युमिनियम और निकेल जैसे कच्चे उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। वर्ल्ड बैंक के अनुसार लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों से तेल आयातक विकासशील देशों जैसे-चीन, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका और टर्की के आर्थिक विकास पर प्रभाव पड़ेगा।
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आईबीएम समेत कई कंपनियों ने रूस से किया किनारा। - फोटो : facebook.com/IBM
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विस्तार
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यूक्रेन पर हमलों के बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंध एलानों के पालन में फोर्ड, टोयटा, जनरल मोटर्स, फॉक्सवैगन, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, निसान, अमेजन और बोइंग जैसी 300 से ज्यादा बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां रूस से किनारा कर चुकी हैं। उधर, यूरोपीय संघ ने कुछ रूसी सांसदों, अमीरों, और बेलारूस के तीन बैंकों पर प्रतिबंध की घोषणा की। वहीं ब्रिटेन ने रूसी अरबपतियों के विमानों के लिए अपनी वायुसीमा बंद कर दी है।

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आटोमोबाइल, फायनेंस, रिटेल, एंटरटेनमेंट, और फास्ट फूड से जुड़ी कंपनियों रूस में नया निवेश न करने के साथ ही सेवाएं खत्म करने की बात कही है। रूस से नाता तोड़ने वाली कंपनियों में एपल, फेसबुक, टि्वटर, नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाई, एआईआरबीएनबी, यूट्यूब, इंटेल, ब्रिटिश पेट्रोलियम, जनरल इलेक्ट्रिक, शैल, मास्टर कार्ड, वीजा, अमेरिकन एक्सप्रेस, केएफसी, मूडीज, डिज्नी, यूनिलीवर और जारा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। वहीं, ब्रिटेन ने रूस से तेल के आयात पर इस साल के आखिर तक रोक लगाने की बात कही है।

खाद्य सामग्रियों और कच्चे माल के बढ़े दाम
दोनों देशों के बीच युद्ध और उसके बाद लगे प्रतिबंधों से पूरे विश्व में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इस वजह से खाद्य पदार्थों और ऊर्जा क्षेत्र में दाम बढ़ने के साथ ही एल्युमिनियम और निकेल जैसे कच्चे उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। वर्ल्ड बैंक के अनुसार लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों से तेल आयातक विकासशील देशों जैसे-चीन, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका और टर्की के आर्थिक विकास पर प्रभाव पड़ेगा।
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nब्रिटेन में रूसी विमान उतारना या उड़ाना अपराध घोषित : रूस पर पहले से लागू उड़ान संबंधी प्रतिबंधों को ब्रिटेन ने और सख्त कर दिया है। नए प्रतिबंधों के तहत देश में रूस से जुड़े किसी विमान को उड़ाना या उतारना अपराध माना जाएगा। इन विमानों को ब्रिटेन के विमान रजिस्टर से हटाया जाएगा। ब्रिटेन से रूस को विमानन, अंतरिक्ष वस्तुओं और तकनीकी का भी निर्यात नहीं हो सकेगा। इससे संबंधित सेवाओं जैसे बीमा और पुनर्बीमा पर भी प्रतिबंध होगा।

चीनी कंपनियों को रूस से सहयोग पर अमेरिका ने चेताया
अमेरिका की वाणिज्य सचिव गिना रायमुंडो ने चीनी कंपनियों को चेताया कि जो कंपनियां रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की अनदेखी करके निर्यात जारी रखेंगी, उन्हें अपने उत्पादों के निर्माण के लिए जरूरी अमेरिकी उपकरण और सॉफ्टवेयर की उपलब्धता रोक दी जाएगी। रायमुंडो ने कहा, अमेरिका सेमीकंडक्टर का उत्पादन करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ अन्य दूसरी चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा सकता है, जो कंपनियां अभी भी रूस को चिप या अन्य तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

रूस फौजियों के लिए बर्फीली कब्र बने टैंक....
माइनस 20 डिग्री से. तापमान के बीच 40 टन वजनी ये टैंक रूसी सैनिकों के लिए बर्फीली कब्र साबित हो रहे हैं। यूक्रेन में भारी हिमपात के बीच दर्जनों रूसी सैनिक की ठंड से मौत होने की खबरें उनके मनोबल को तोड़ रही हैं।

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